
मराठी में नहीं दिया जवाब तो कंडक्टर को पीट डाला, महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बंद हुई बस सर्विस
AajTak
आमतौर पर दोनों राज्यों के बीच रोजाना 120 बसें चलती हैं. स्थिति के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे. इस बीच, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनायक ने घटना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से कर्नाटक के लिए बसें भी निलंबित कर दी गई हैं.
कर्नाटक के बेलगावी में सन्ना बालेकुंदरी के पास कन्नड़ बोलने के लिए केएसआरटीसी बस कंडक्टर पर हमले से कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर तनाव बढ़ गया है. परिणामस्वरूप, दोनों राज्यों के बीच बस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. कोल्हापुर समेत कुछ इलाकों में शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक की बसें रोक दीं और विरोध प्रदर्शन किया.
उपद्रवियों ने कथित तौर पर बसों पर भगवा झंडे बांध दिए और काली स्याही से उन पर 'जय महाराष्ट्र' लिख दिया. इन घटनाओं के कारण कर्नाटक ने महाराष्ट्र के लिए सभी बस सेवाएं निलंबित कर दी हैं. परिवहन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि निप्पनी, चिक्कोडी और बेलगावी के रास्ते कोल्हापुर जाने वाली सभी केएसआरटीसी बसों को रोक दिया गया है.
महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच रोजाना चलती हैं 120 बसें
आमतौर पर दोनों राज्यों के बीच रोजाना 120 बसें चलती हैं. स्थिति के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे. इस बीच, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनायक ने घटना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से कर्नाटक के लिए बसें भी निलंबित कर दी गई हैं. कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर चित्रदुर्ग में शुक्रवार रात करीब 9:10 बजे बेंगलुरु से मुंबई के लिए जाने वाली महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन की एक बस पर हमला किया.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: खतरे में आई मंत्री माणिकराव कोकाटे की कुर्सी, 29 साल पुराने केस में 2 साल की सजा
कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने बस ड्राइवर के साथ मारपीट की और उसके चेहरे पर कालिख पोत दी. महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों राज्यों की सरकारों ने ऐसी घटनाओं पर एक दूसरे से स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक बस सेवाएं निलंबित रहेंगी. बस सेवाओं के निलंबित होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पहाड़ों को देव मानकर परिक्रमा करने वाला हमारा देश भारत है. नदियों को पूजने वाला हमारा देश भारत है. जिसके लिए कहा गया कि यहां दूध की नदियां बहती हैं. जिस देश में कहा गया जल ही जीवन है, वहां अगर जनता को जीवन के नाम पर जहर वाला पानी पीने को दिया जाए और 10 मौत के के बाद भी सरकार, सरकारी अधिकारी, हर जिम्मेदार चेहरा झूठ बोलता रहे, लीपापोती करे तो खबरदार करना जरूरी है.

शाहरुख खान एक बार फिर निशाने पर हैं. आरोप लग रहे हैं कि उनकी आईपीएल टीम केकेआर ने बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा है, जबकि बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं. मुस्तफिजुर रहमान पिछले साल भी आईपीएल में खेल चुके हैं, लेकिन 2024 से बढ़ रहे हमलों के बीच इस खिलाड़ी को लेने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. इस विवाद के बीच चर्चा है कि क्या शाहरुख खान को उनके नाम की वजह से निशाना बनाया जा रहा है.

पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल में शाहरुख खान के कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर विवाद गर्माया है. बीजेपी नेता संगीत सोम और धर्मगुरु इस फैसले को लेकर विरोध कर रहे हैं, जबकि टीएमसी सहित कुछ पार्टियां इसे धार्मिक भेदभाव से जोड रही हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार और बीसीसीआई को इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए?

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर हड़कंप मचा हुआ है. पूरे देश में मचे हंगामे के बाद आज मध्य प्रदेश की सरकार हरकत में आती दिखी. जहां इंदौर के 4 अधिकारियों पर एक्शन हुआ तो वहीं पूरे प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौरों और प्रशासन के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वर्चुअल बैठक की. हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भी मामले पर सख्ती दिखायी है. लेकिन, सवाल यही पूछा जा रहा है कि इंदौर में जानलेवा पानी लोगों के घरों तक पहुंचा ही क्यों?









