
मनी लॉन्ड्रिंग केस में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वैथियालिंगम पर कसा शिकंजा, ED ने कई ठिकानों पर की छापेमारी
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धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत तमिलनाडु के चार शहरों में छापेमारी की जा रही है, जिसमें चेन्नई का एकट्टुथंगल इलाका और तंजावुर जिले के ओराथनडु तालुक में आर वैथियालिंगम का घर भी शामिल है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक आर वैथियालिंगम और कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई पीएमएलए (PMLA) के तहत की गई.
दरअसल, धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत तमिलनाडु के चार शहरों में छापेमारी की जा रही है, जिसमें चेन्नई का एकट्टुथंगल इलाका और तंजावुर जिले के ओराथनडु तालुक में आर वैथियालिंगम का घर भी शामिल है.
तमिलनाडु विधानसभा में ओराथनडु सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले 69 वर्षीय राजनेता के समर्थक उनके घर के बाहर खड़े थे, जबकि संघीय एजेंसी सीआरपीएफ की सुरक्षा टीम के साथ छापेमारी की कार्रवाई कर रही थी.
ईडी की यह जांच और कार्रवाई साल 2011-16 के बीच तमिलनाडु आवास विकास मंत्री के रूप में वैथियालिंगम के कार्यकाल के दौरान चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीएमडीए) के कार्यों के लिए मंजूरी देने में कथित तौर पर लेन-देन से संबंधित है.
धन शोधन का मामला तमिलनाडु सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) द्वारा इस साल उनके खिलाफ दर्ज की गई शिकायत से उपजा है, जिसमें कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया है.
आरोप है कि कथित तौर पर उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों के बैंक खातों में असुरक्षित ऋण के रूप में दागी धन प्राप्त हुआ था. पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के करीबी माने जाने वाले वैथिलिंगम को 2022 में मौजूदा पार्टी प्रमुख ए.के. पलानीस्वामी के बीच नेतृत्व के मुद्दे के दौरान पनीरसेल्वम के साथ अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर दिया गया था.

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