
मनी ट्रेल, सीक्रेसी भंग, पैसे का लेन-देन... इन 11 आधारों पर महुआ मोइत्रा की सदस्यता खत्म करने की हुई सिफारिश , जानिए 500 पेज की रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा है
AajTak
कैश फॉर क्वेरी मामले में घिरीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर संसद की एथिक्स कमेटी कार्रवाई के मूड़ में है. पैनल आज अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट फाइनल करेगा और लोकसभा सचिवालय भेजेगा. इस रिपोर्ट में महुआ पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है. उनकी संसद सदस्यता रद करने की मांग की गई है. कमेटी ने 500 पेज की रिपोर्ट तैयार की है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने भी सिफारिश की है कि सरकार को महुआ मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के बीच वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) की जांच करनी चाहिए. महुआ पर सीक्रेसी भंग करने का भी आरोप है. सूत्र यह भी बताते हैं कि एथिक्स कमेटी ने कथित कैश फॉर क्वेरी मामले में मोइत्रा को लोकसभा से अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की है. गुरुवार को यह रिपोर्ट स्पीकर के पास भेजी जाएगी. उसके बाद अब स्पीकर के पाले में गेंद होगी.
बता दें कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप लगाया था. दुबे ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर से की थी. मामले में लोकसभा की एथिक्स कमेटी जांच कर रही है. दुबे का आरोप है कि नकदी और गिफ्ट के बदले संसद में सवाल पूछने के लिए महुआ मोइत्रा और कारोबार दर्शन हीरानंदानी के बीच 'रिश्वत' का लेन-देन हुआ था. दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई के पत्र का हवाला दिया, जिसमें मोइत्रा और हीरानंदानी के बीच कथित आदान-प्रदान के 'सबूत' का जिक्र किया गया है. अब एथिक्स कमेटी ने 500 पेज की रिपोर्ट में लोकसभा सचिवालय से महुआ के खिलाफ कड़ी सजा की सिफारिश की है.
महुआ पर इन आधार पर कार्रवाई की सिफारिश?
1- एथिक्स पैनल ने ड्राफ्ट रिपोर्ट में कार्रवाई की सिफारिश की और कुछ तीखी टिप्पणियां भी की हैं. रिपोर्ट में कहा, सांसद महुआ मोइत्रा ने 1 जनवरी 2019 से 30 सितंबर 2023 के बीच 4 बार दुबई का दौरा किया. लेकिन उनके लोकसभा लॉगिन क्रेडेंशियल का वहां से 47 बार उपयोग किया गया.2- गृह मंत्रालय ने एथिक्स कमेटी को अपनी रिपोर्ट में बताया कि कई दस्तावेज सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं हैं. इनमें मसौदा विधेयक शामिल हैं जो सदस्यों के विचार के लिए पहले से सर्कुलेट किए जाते हैं. उदाहरण के लिए, यह पता चला है कि जम्मू-कश्मीर डी-लिमिटेशन बिल, 2019 पहले ही सर्कुलेट कर दिया गया था. इससे ऐसी संवेदनशील मटेरियल के लीक होने की संभावना बढ़ जाती है जिसका उपयोग गलत लोग राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते हैं.3- महुआ मोइत्रा के कृत्यों के लिए कड़ी सजा की मांग की गई है, जो 17वीं लोकसभा की सदस्यता से उनके तत्काल 'निष्कासन' से कम नहीं हो सकती है. यानी महुआ की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है.4- आईटी मंत्रालय की एथिक्स कमेटी को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, उनके लॉगिन क्रेडेंशियल को ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल किया गया आईपी एड्रेस हर बार एक ही था.5- ड्राफ्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि मोइत्रा का कृत्य अनैतिक, संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है.6- मोइत्रा ने कथित तौर पर कारोबारी हीरानंदानी से नकदी, विलासिता की वस्तुएं, उनके बंगले का नवीनीकरण, यात्रा खर्च और छुट्टियों समेत लाभ की भी मांग की.7- हीरानंदानी ने मोइत्रा को गिफ्ट दिए, जिसमें एक हर्मीस स्कार्फ, बॉबी ब्राउन मेकअप और उपयोग करने के लिए कार शामिल थी. मोइत्रा ने गिफ्ट स्वीकार करने और हीरानंदानी की कार का उपयोग करने की बात स्वीकार की है.8- गिफ्ट्स और फेवर को लेकर मोइत्रा और हीरानंदानी के बयानों में विरोधाभास है.9- अनाधिकृत तत्वों को लॉगिन क्रेडेंशियल ट्रांसफर करने से ऐसे तत्वों को सिस्टम तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है, जिससे कई संभावित खतरे हो सकते हैं.सबसे पहले देश को राज्य और गैर-राज्य साइबर एक्टर्स से जिन खतरों का सामना करना पड़ रहा है, उसे देखते हुए क्रेडेंशियल्स का ऐसा लीकेज सिस्टम को गंभीर साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील बना सकता है और संभावित रूप से सिस्टम को पूरी तरह से अक्षम कर सकता है, जिससे भारत की संसद का कामकाज बाधित हो सकता है10- दूसरा, ऐसे तत्व सिस्टम में ऐसा मेटेरियल डाल सकते हैं जो झूठे दस्तावेज या फेक नेरेटिव आदि बनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं. 11- तीसरा, यह ध्यान दिया जा सकता है कि तत्कालीन मामले में दर्शन हीरानंदानी एक भारतीय नागरिक हैं, लेकिन यह पता चला है कि उनके पास संयुक्त अरब अमीरात में निवास अधिकार है. इसके अलावा, उनके करीबी रिश्तेदार भी विदेशी नागरिक हैं. इससे विदेशी एजेंसियों को संवेदनशील मेटेरियल के लीक होने का गंभीर खतरा पैदा होता है.
'महुआ ने आरोपों का खंडन किया'
एथिक्स कमेटी ने कहा कि इस पूरे मामले की विधि सम्मत, सघन, संस्थागत और समयबद्ध जांच हो. हालांकि, महुआ मोइत्रा ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और जय अनंत देहाद्राई को एक कानूनी नोटिस भी भेजा. महुआ का कहना है कि मैंने लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए किसी भी तरह का कोई भी लाभ नहीं लिया है. ये आरोप अपमानजनक, गलत, आधारहीन हैं.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.








