
मनमोहन सिंह को हर्षवर्धन का जवाब- कांग्रेस के लोग ही नहीं समझते वैक्सीनेशन की अहमियत
AajTak
कोरोना संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की ओर से चिट्ठी लिखी गई थी. इस चिट्ठी का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा.
कोरोना संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की ओर से चिट्ठी लिखी गई थी. इस चिट्ठी पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे आसाधरण समय में अगर कांग्रेस के नेता भी आपके (मनमोहन सिंह) बेशकिमती सुझाव का पालन करें और आपसी सहयोग बनाए रखें, तो अच्छी बात होगी. History shall be kinder to you Dr Manmohan Singh ji if your offer of ‘constructive cooperation’ and valuable advice was followed by your @INCIndia leaders as well in such extraordinary times ! Here’s my reply to your letter to Hon’ble PM Sh @narendramodi ji 👍 @PMOIndia pic.twitter.com/IJcz3aL2mo स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'ऐसा लगता है कि जिन लोगों ने आपकी चिट्ठी तैयार की, उन्होंने आपको पूरा जानकारी नहीं दी, कोरोना वैक्सीन के आयात को मंजूरी देने की आपने जो मांग 18 अप्रैल को की है, उसे 11 अप्रैल को ही इजाजत दे दी गई है. इसके साथ ही वैक्सीन निर्माण में धन और अन्य रियायतों का सुझाव भी पहले ही कर दिया गया है.'
जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की वजह से 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है. प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है और मुर्गियों को मारने (कलिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.









