
मध्यप्रदेश: एक ऐसी पंचायत जहां नहीं मिला विरोधी, सरपंच सहित 20 पंच चुने गए निर्विरोध
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रीवा जनपद पंचायत की करहिया नंबर 1 ग्राम पंचायत एक ऐसी पंचायत है जहां सरपंच सहित 20 पंचों के खिलाफ कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है.
रीवा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रीवा जनपद पंचायत की करहिया नंबर 1 ग्राम पंचायत निर्विरोध पंचायत बन गई है. यहां पूर्व सरपंच की पहल पर रेखा रावत को प्रधान चुन लिया गया. रेखा रावत के खिलाफ गांव का कोई भी मतदाता फार्म नहीं डाला गया था. जिले की ये एक ऐसी पंचायत है जहां सरपंच सहित 20 पंचों के खिलाफ कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है.
जिले की पहली निर्विरोध पंचायत रीवा जनपद की करहिया नंबर 1 पंचायत के मतदाताओं ने पंचायत की राजनीति से इतर गांव के विकास को प्राथमिकता दी है. इस पंचायत ने मिसाल कायम की है. यह जिले की पहली निर्विरोध पंचायत है. 12 वीं पास अनुसूचित जाति वर्ग की रेखा रावत को गांव के बुद्धजीवी मतदाताओं ने चुना है. इसके साथ ही 20 पंच भी निर्विरोध चुन लिए गए है.
दरअसल, अनसूचित जाति वर्ग के करहिया नंबर 1 पंचायत में सिर्फ 8 मतदाता हैं. ऐसे 8 लोगों के बीच सामंजस्य बनाया गया. तब कहीं जाकर 28 वर्षीय 12 वीं पास जागरूक महिला रेखा रावत पर सहमति बनी. जिसके बाद नामांकन के अंतिम दिन 1 फॉर्म डाला गया था. इकलौते फार्म के कारण रेखा रावत निर्विरोध हो गई. रेखा रावत ने गांव के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने का विजन तैयार किया है.
सरकार की ओर से 15 लाख रुपए की इनाम राशि पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रदेश की जिस पंचायत का सरपंच पद निर्विरोध होगा, वहां की ग्राम पंचायत को प्रदेश सरकार द्वारा 15 लाख रुपए की इनाम राशि दी जाएगी. इसी तरह जहां पंच के सभी वार्ड निर्विरोध होंगे. उनको 25 लाख रुपए की प्रोत्साहन रकम देकर पंचायत का विकास कार्य कराया जाएगा. रीवा जिले से करहिया नंबर 1 पंचायत पहली निर्विरोध पंचायत है. जिले की यह पंचायत मॉडल के रूप में प्रस्तुत होगी. जिसमे पूर्व सरपंच का भी सराहनीय प्रयास रहा है. 20 पंच की टीम में 12 महिलाएं नवनिर्वाचित महिला सरपंच रेखा रावत 12 वीं पास है. 20 पंच की टीम में 12 महिलाएं गायत्री साकेत, सुनीता साकेत, संध्या गौड़, रंजना पाण्डेय, उर्मिला शुक्ला, भावना पाठक, सुशीला साकेत, कीर्ति साहू, प्रियंका सिंह, राधा सेन, प्रियंका साकेत, मीरा मांझी और 8 पुरुष जीतेन्द्र कुशवाहा, उमेश सिंह, जय पनीस चौरसिया, बिहारी सेन, राजकमल मांझी, जगजीवन लाल साकेत, सूर्यपाल यादव, संदीप कुशवाहा शामिल है. ज्यादातर महिलाएं कम पढ़ी लिखी हैं, लेकिन रेखा के विजन को पूरा करने के लिए सभी तैयार हैं.

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