
मणिपुर में 2 छात्रों की हत्या के बाद फिर तनाव, 5 दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद
AajTak
सीएम एन बीरेन सिंह ने छात्रों की मौत को लेकर ट्वीट किया कि लापता छात्रों की दुखद मौत के संबंध में मैं राज्य के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों अपराधियों को पकड़ने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.
मणिपुर में 3 मई को कुकी और मैतेई समुदाय के बीच शुरू हुआ संघर्ष अभी तक जारी है. मणिपुर में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के 2 दिन बाद ही इस पर फिर से पाबंदी लगा दी गई है. ये फैसला 6 जुलाई से लापता 2 छात्रों की हत्या के बाद लिया गया है. सरकार की ओऱ से जारी आदेश में कहा गया है कि मणिपुर में मोबाइल इंटरनेट डेटा सेवाओं और इंटरनेट सेवाओं पर 1 अक्टूबर शाम 7:45 बजे तक पांच दिनों तक पाबंदी रहेगी.
मंगलवार को इंफाल में 2 मैतेई छात्रों के शवों की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया. इसके बाद मणिपुर सरकार ने राज्य में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया.
सरकारी आदेश में कहा गया है कि मणिपुर में मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पहले ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से दुष्प्रचार, झूठी अफवाहों और अन्य प्रकार की हिंसक गतिविधियों के प्रसार को बहुत गंभीरता से ले रही है. कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली हर गतिविधि पर सरकार की नजर है.
वहीं, सीएम एन बीरेन सिंह ने छात्रों की मौत को लेकर ट्वीट किया कि लापता छात्रों की दुखद मौत के संबंध में मैं राज्य के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों अपराधियों को पकड़ने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. इस जांच में और तेजी लाने के लिए सीबीआई निदेशक एक विशेष टीम के साथ कल सुबह इंफाल पहुंचेंगे.
28 अप्रैल को चुराचांदपुर और फ़िरज़ावल में इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं,जबकि 3 मई को पूरे राज्य में इस पर पाबंदी लगा दी गई. जुलाई में ब्रॉडबैंड सेवाओं को खास शर्तों और उपयोगकर्ताओं द्वारा शपथ पत्र के साथ फिर से शुरू किया गया था. लेकिन उस समय भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित थीं. बीते शनिवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने घोषणा की कि राज्य में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बहाल कर दी जाएंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति में सुधार हो रहा है, इसके बाद इंटरनेट बहाल कर दिया गया.
मंगलवार को मणिपुर के 2 छात्रों की तस्वीरें वायरल हुईं थीं, जो 6 जुलाई से लापता बताए जा रहे थे. तस्वीरों में छात्रों को जमीन पर बैठा दिखाया गया है, जबकि उनके पीछे 2 हथियारबंद लोगों को देखा जा सकता है. सोशल मीडिया पर वायरल एक अन्य तस्वीर में दोनों छात्रों के शव देखे जा सकते हैं. छात्रों की पहचान 17 वर्षीय हिजाम लिनथोइनगांबी और 20 वर्षीय फिजाम हेमजीत के रूप में हुई है.

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








