
मंदिरों पर हमले के बाद क्या एक्शन लिया गया? भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने मांगी रिपोर्ट
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अमेरिका में बीते कुछ महीने से मंदिरों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ गई हैं. इस बीच पांच भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को लेटर लिखकर इन घटनाओं पर ब्रीफिंग मांगी है.
हालिया समय में अमेरिका में मंदिरों पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं. इस बीच पांच भारतीय अमेरिकी सांसदों ने रिपोर्ट मांगी है. सांसदों ने पूछा है कि मंदिरों पर हमलों के बाद जांच कहां तक पहुंची? और स्थानीय एजेंसियां और एफबीआई ने क्या किया?
इन भारतीय-अमेरिकी सांसदों का कहना है कि न्यूयॉर्क से कैलिफोर्निया तक मंदिरों पर हमलों की घटनाओं ने हिंदू अमेरिकियों के बीच डर बढ़ा दिया है. उनका कहना है कि हाल के समय में मंदिरों को खालिस्तान समर्थकों ने टारगेट किया है.
इन सांसदों में प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार और ऐमी बेरा शामिल हैं. इन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को लेटर लिखकर मंदिरों पर हमलों को लेकर ब्रीफिंग मांगी है.
इस लेटर में उन्होंने लिखा है कि भारतीय-अमेरिकी समुदायों ने चिंता व्यक्ति की है कि मंदिरों को निशाना बनाने वाले संदिग्धों के खिलाफ कोई सुराग नहीं है, जिससे लोग डर में जी रहे हैं. इसमें उन्होंने ये भी कहा है कि सभी लोगों की समान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संघीय स्तर पर निगरानी जरूरी है.
सांसदों ने आगे इस बात पर भी जोर दिया कि घटनाओं की टाइमिंग और उनके पीछे की मंशा ने परेशान करने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं.
इन पांचों सांसदों ने लिखा है कि अमेरिका में सभी धार्मिक, जातीय, नस्लीय और अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.

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