
भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी का एक्शन, ट्रेड टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर को किया निलंबित
AajTak
उत्तर प्रदेश की सत्ता दोबारा मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर लगातार एक्शन ले रहे हैं. बुधवार को सीएम योगी ने ट्रेड टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर को निलंबित कर दिया है.
उत्तर प्रदेश की सत्ता दोबारा मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं. अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई के बाद सीएम योगी भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर लगाम कस रहे हैं. बुधवार को सीएम योगी ने ट्रेड टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर को निलंबित कर दिया है. असिस्टेंट कमिश्नर बाराबंकी जिले में तैनात था. शासकीय कार्य प्रणाली में ईमानदारी और शुचिता नहीं बरतने के आरोपों में असिस्टेंट कमिश्नर पर यह कार्रवाई की गई है.
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट कमिश्नर (प्रभारी) वाणिज्य कर, सचल दल, इकाई-बाराबंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं.
बयान में कहा गया है कि अधिकारी के खिलाफ विधिक व्यवस्थाओं का उल्लंघन करते हुए अपनी सुविधानुसार गलत तथ्यों, साक्ष्यों और कूटरचित प्रपत्रों का प्रबंध करने सहित भ्रष्टाचार के अनेक प्रकरण पाए गए हैं.
गाजियाबाद में भी पहले ही ले चुके हैं एक्शन मंगलवार को ऐसी ही एक बड़ी कार्रवाई के तहत गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के इंजीनियर को मुख्यमंत्री के आदेश पर सस्पेंड किया गया है. गाजियाबाद में बिना नक्शा पास किए अवैध बिल्डिंगों का निर्माण करवाने का आरोप इंजीनियर पर लगा है.
जीडीए के अवर अभियंता पर हुई कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किए गए बया में कहा गया था कि बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला इमारतों का अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें जीडीए के अवर अभियंता को निलंबित किया गया है. बता दें कि जीडीए में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आ रही थी. जीडीए में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सीएम योगी सख्त रुख्त अपना रहे है. इसी वजह से यह कार्रवाई की गयी है.
एक्शन मोड में हैं सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेने के बाद तत्काल कार्रवाई करनी शुरू कर दी थी. गाजियाबाद में प्रशासनिक अमले पर यह दूसरी कार्रवाई है. इससे पूर्व गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को भी मुख्यमंत्री निलंबित किया था. एसएसपी पर कानून-व्यवस्था को नहीं संभाल पाने और कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था. सीएम योगी द्वारा लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है. भ्रष्टाचार को लेकर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









