
'भूतों का आइलैंड', जहां जबरन लाकर जिंदा जला दिए गए थे 1.60 लाख लोग, यहां दबे हैं कई राज
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इटली के उत्तर में वेनिस और लीडो के बीच स्थित पोवेग्लिया का एक छोटा द्वीप लगभग 55 सालों से बंजर है. इसे भूतों का आइलैंड भी कहा जाता है. वजह है खतरनाक महामारी के शिकार होने के चलते यहां जिंदा जलाए गए 1.60 लाख लोग.
दुनियाभर में कई रहस्यमयी जगहें हैं जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं. इनमें से कई जगहें ऐसी हैं जहां आम लोग जाने की हिम्मत ही न करें तो कहीं पर जाने की इजाजत भी नहीं है. ऐसी ही एक जगह है "Island of ghosts" यानी 'भूतों का आइलैंड'. सोचने वाली बात है कि किसी जगह के बारे में भला ऐसा क्यों कहा जा रहा है?
'भूतों का आइलैंड'
इटली के उत्तर में वेनिस और लीडो के बीच स्थित पोवेग्लिया का ये छोटा द्वीप , एक ऐसी जगह है जहां विशेष अनुमति के बिना जाने की इजाजत ही नहीं है. द सन की खबर के अनुसार इसे 'भूतों का आइलैंड' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां कुल 1 लाख 60 हजार शवों की राख है और ये आइलैंड 55 सालों से बंजर है. इस द्वीप को साल 1968 से खाली छोड़ दिया गया है.
अचानक आए ब्लैक डेथ के कई मामले
दरअसल, साल, 1776 में, यह द्वीप वेनिस से आने और जाने वाले सभी सामानों और लोगों के लिए एक चेक प्वाइंट के रूप में काम करता था. इसके बाद अचानक बंदरगाह पर आने वाले दो जहाजों पर प्लेग- ब्लैक डेथ के कई मामलों के बाद, पोवेग्लिया को 1793 से 1814 तक एक क्वारंटीन स्टेशन के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा.
लात मारते, खींचकर लाए जाते थे संक्रमित लोग

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