
भारत या पाकिस्तान, किसे गले लगाएंगे तारिक रहमान? अब तक क्या मिला संकेत?
ABP News
Tarique Rahman: तारिक रहमान की 17 साल बाद वापसी ने राजनीति को नया मोड़ दिया है. भारत ने सबसे पहले बधाई देकर संकेत दे दिया कि वह रिश्तों में स्थिरता चाहता है.
Tarique Rahman: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के नतीजों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को बड़ी जीत मिली है. यह चुनाव जुलाई 2024 की हिंसा के बाद पहला है, जिसमें तब की प्रधानमंत्री शेख हसीना का लंबा शासन खत्म हुआ और उन्हें देश छोड़ना पड़ा. अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई सरकार भारत के करीब जाएगी या पाकिस्तान और चीन की तरफ झुकेगी.
तारिक रहमान की वापसी की कहानी
60 साल के तारिक रहमान राजनीति के बड़े घराने से आते हैं. वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं. 2017 में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बाद वे देश छोड़कर चले गए थे और करीब 17 साल निर्वासन में रहे. दिसंबर 2025 में मां के निधन के बाद वे लौटे. उनकी वापसी पर भारी भीड़ ने स्वागत किया. उन्होंने मंच से अमेरिकी नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर के मशहूर भाषण की तर्ज पर कहा, ' मेरे पास बांग्लादेश के लिए एक योजना है' और इसी के साथ उन्होंने अपना चुनाव अभियान शुरू हुआ था.
भारत का पहला कदमशुक्रवार सुबह भारत ने जल्दी पहल करते हुए नए नेता को बधाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान और उनकी पार्टी को जीत पर बधाई दी और कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, आगे बढ़ने वाला और सबको साथ लेकर चलने वाला बांग्लादेश चाहता है. संदेश सामान्य था, लेकिन इसका मतलब साफ था, भारत पिछले 18 महीनों की उठा-पटक, चीन और पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी और अल्पसंख्यकों पर हमलों जैसी बातों को पीछे छोड़कर स्थिर रिश्ते चाहता है.













