
भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बने ऋषि सुनक
The Wire
ब्रिटेन में मची राजनीतिक उथल-पुथल के बीच लिज़ ट्रस के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद भारतीय मूल के ऋषि सुनक को कंज़रवेटिव पार्टी का नया नेता चुना गया है. दो महीने से भी कम समय में वह ऐसे तीसरे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने ब्रिटिश राजनीतिक इतिहास के सबसे अशांत समय में से एक के दौरान पदभार ग्रहण किया है.
लंदन: ऋषि सुनक ने मंगलवार को महाराजा चार्ल्स तृतीय के साथ मुलाकात के बाद औपचारिक रूप से भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया. इससे पहले उन्हें दिवाली के दिन (24 अक्टूबर) निर्विरोध कंजरवेटिव पार्टी का नया नेता चुना गया था. Britain's new prime minister, Rishi Sunak, said he would try to rectify the errors made by his predecessor, restore faith in politics but warned there would be difficult decisions ahead https://t.co/7jrYbRoyi3 pic.twitter.com/EsEpEDTLqB Congratulations @RishiSunak on being appointed as Leader of the Conservative Party and our next Prime Minister. Warmest congratulations @RishiSunak! As you become UK PM, I look forward to working closely together on global issues, and implementing Roadmap 2030. Special Diwali wishes to the ‘living bridge’ of UK Indians, as we transform our historic ties into a modern partnership.
इससे पहले निवर्तमान प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने सुबह अपने आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट में अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की और उसके बाद उन्होंने महाराजा को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया. — Reuters (@Reuters) October 25, 2022 You have my full support. — Narendra Modi (@narendramodi) October 24, 2022
उसके बाद सुनक महाराजा से मुलाकात के लिए महल पहुंचे, जहां उन्हें ब्रिटेन के 57वें प्रधानमंत्री के रूप में नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया. — Liz Truss (@trussliz) October 24, 2022
ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री सुनक (42 वर्ष) हिंदू हैं और वह पिछले 210 साल में ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं. वर्तमान रिकॉर्ड धारक डेविड कैमरून हैं, जो 43 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे. टोनी ब्लेयर भी 43 वर्ष के थे, जब वे 1997 में प्रधानमंत्री बने थे.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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