
ब्लैक शील्ड पर गोल्डन बुल.... कानपुर कांड से चर्चा में आई लैम्बॉर्गिनी के लोगो का शिव परंपरा से क्या है कनेक्शन?
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लैम्बॉर्गिनी के ब्रांड हिस्ट्री में भी यह माना गया है कि Bull शक्ति, आक्रामकता और परफॉर्मेंस का प्रतीक है. वही गुण जिन्हें फेरुशियो अपनी कारों में उतारना चाहते थे, लेकिन सिर्फ राशि ही कारण नहीं थी. 1962 में फेरुशियो स्पेन गए और मशहूर बुलफाइट ब्रीडर डॉन एडुआर्डो मियुरा से मिले. उस मुलाकात का उन पर गहरा असर हुआ. बाद में उन्होंने अपनी कई कारों के नाम मशहूर फाइटिंग बुल्स पर रखे.
कानपुर में हुए लैम्बॉर्गिनी कांड के बाद से ये लग्जरी कार चर्चा में है. इस मामले में लगातार कई तरह के ट्विस्ट और टर्न सामने आ रहे हैं और इसकी वजह से कार के फीचर्स, इसकी रफ्तार, एफिशिएंसी भी चर्चा का विषय बन रही है. इसी बीच नजर गई कार के लोगो पर जो अपनी खास बनावट और डिजाइन की वजह से ध्यान खींचता है.
लैम्बॉर्गिनी कार ही नहीं इसका लोगो भी खास है. क्योंकि इसके लोगों में एक शील्ड पर गरजता हुआ आक्रामक Bull नजर आता है. इसे देखकर एक दिलचस्प सवाल उठता है, क्या लैम्बॉर्गिनी के लोगो में दिखने वाला गरजता हुआ Bull किसी तरह भगवान शिव के नंदी से जुड़ता है? हालांकि इस इटालवी कार ब्रांड के इतिहास को देखें तो इसका सीधा जवाब ‘नहीं’ में हो सकता है, लेकिन प्रतीकों की दुनिया में इसीलिए अनोखी है, क्योंकि हर सिंबल कुछ कहता है और यहीं से कहानी थोड़ी गहरी और रोचक हो जाती है.
लैम्बॉर्गिनी के फाउंडर का वृषभ कनेक्शन बात शुरू करते हैं लैम्बॉर्गिनी के संस्थापक से. इस कार ब्रांड के फाउंडर फेरुशियो लैम्बॉर्गिनी थे. सोर्स बताते हैं कि इनका जन्म 28 अप्रैल 1916 को हुआ था. एस्ट्रोलॉजी के अनुसार उनकी राशि वृषभ यानी टॉरस थी. ऑटोमोबाइल इतिहास से जुड़े कई जाने-माने सोर्स जैसे टॉप गियर, मोटरट्रेंड और कार एंड ड्राइवर में ये दिलचस्प फैक्ट दर्ज है कि उनकी राशि का असर कंपनी के लोगो पर पड़ा.
कंपनी के ब्रांड इतिहास में भी यह माना गया है कि Bull शक्ति, आक्रामकता और परफॉर्मेंस का प्रतीक है. वही गुण जिन्हें फेरुशियो अपनी कारों में उतारना चाहते थे, लेकिन सिर्फ राशि ही कारण नहीं थी. 1962 में फेरुशियो स्पेन गए और मशहूर बुलफाइट ब्रीडर डॉन एडुआर्डो मियुरा से मिले. उस मुलाकात का उन पर गहरा असर हुआ. बाद में उन्होंने अपनी कई कारों के नाम मशहूर फाइटिंग बुल्स पर रखे. मियुरा, इसलेरो, मर्सियलागो, एवेंटाडोर और हुराकान जैसे नाम उसी परंपरा से आए. यानी बुल सिर्फ ज्योतिष नहीं, बल्कि पर्सनल पैशन और पावर सिंबोलिज्म का भी हिस्सा रहा.
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