
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Boris Johnson ने AstraZeneca की Vaccine लगवाई, ताकि दूर किया जा सके लोगों का डर
Zee News
ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर उठे सवालों के बाद यूरोपीय और ब्रिटिश ड्रग कंट्रोलर संस्थाओं ने साफ किया है कि टीका लेने से खून का थक्का (Blood Clots) जमने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है. हालांकि, इसके बावजूद लोगों में वैक्सीन को लेकर खौफ और चिंता बरकरार है.
लंदन: जिस कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) पर पूरी दुनिया में सवाल उठ रहे हैं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने वही टीका लगवाकर लोगों का भ्रम दूर करने का प्रयास किया है. प्रधानमंत्री जॉनसन को शनिवार को ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका (Oxford/AstraZeneca) वैक्सीन का पहला डोज दिया गया. उन्होंने खुद ट्वीट (Tweet) करके इसकी जानकारी दी है. बता दें कि कई यूरोपीय देशों ने खून का थक्का जमने की आशंका के चलते ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद अब वैक्सीन (Vaccine) को पूरी तरह सुरक्षित करार दिया गया है. I've just received my first Oxford/AstraZeneca vaccine dose. वैक्सीन पर उठे सवालों के बाद यूरोपीय और ब्रिटिश ड्रग कंट्रोलर संस्थाओं ने सभी उपलब्ध आकंड़ों का गहन वैज्ञानिक विश्लेषण किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि एस्ट्राजेनेका टीका लेने से खून का थक्का (Blood Clots) जमने का कोई साक्ष्य नहीं मिला. इसके बावजूद लोगों में वैक्सीन को लेकर खौफ और चिंता बरकरार है, लोगों की इसी चिंता को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है. साथ ही उन्होंने लोगों से वैक्सीनेशन का हिस्सा बनने की अपील भी की है. Thank you to all of the incredible scientists, NHS staff and volunteers who helped make this happen.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



