
बेटियों की शादी की उम्र 21 करने से किसे तकलीफ, सब देख रहे हैं: PM Modi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रयागराज में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में हिस्सा लिया जहां उन्होंने स्वयं सहायता समूह की 1 लाख 60 हजार सदस्यों के खाते में 1 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट फंड ट्रांसफर किया. इसके अलावा पीएम ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंग्ला योजना के 1 लाख 1 हजार लाभार्थियों के खाते में 20 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने संसद में लाए गए उस बिल का भी जिक्र किया, जिसके पास होने पर लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 की जाएगी. प्रधानमंत्री ने शादी के लिए लड़कियों की उम्र बढ़ाने वाले बिल पर कहा कि बेटियों के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है देश ये फैसला बेटियों के लिए कर रहा है लेकिन किसको इससे तकलीफ हो रही है ये सब देख रहे हैं. देखिए.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










