
बृज भूषण शरण सिंह: अपराध के मैदान का धुरंधर खिलाड़ी
The Wire
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ियों ने महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. बृज भूषण ख़ुद को पाक-साफ़ कह रहे हैं लेकिन उनका आपराधिक गतिविधियों से भरा अतीत एक अलग ही कहानी बताता है.
‘मेरे जीवन में मेरे हाथ से एक हत्या हुई है, लोग जो कुछ भी कहें… मैंने एक हत्या की है…‘ Brij Bhushan Sharan Singh, the president of the #Wrestling Federation of India, slapped a wrestler from UP on the stage during the first round of the Under-15 National Wrestling Championship.https://t.co/N20EX0fXaX
यह किसी सज़ायाफ़्ता व्यक्ति के शब्द नहीं हैं जो अपने गुनाह का क़बूलनामा किसी को सुना रहा है, यह शब्द छह बार के लोकसभा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के हैं और उन पर कभी हत्या का मुक़दमा चला हो, ऐसी जानकारी ढूंढ़े से भी नहीं मिलती. — The Quint (@TheQuint) December 17, 2021
वर्ष 2022 में एक वेब पोर्टल को दिए साक्षात्कार से पहले तक तो शायद किसी को पता भी नहीं था कि उन्होंने हत्या भी की है. हां, उनके बाहुबल के किस्से तो उत्तर प्रदेश में- खासकर गोंडा एवं उसके आसपास के ज़िलों में- खासे मशहूर हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव में उनके चुनावी हलफनामे में चार आपराधिक मामलों का भी ज़िक्र था, जिनमें धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसा गंभीर अपराध भी शामिल था.
उत्तर प्रदेश की बहराइच ज़िले की कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद बृज भूषण वर्ष 2011 से भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के भी अध्यक्ष हैं और आरोप हैं कि उन्होंने अपने बाहुबल का प्रदर्शन महासंघ के संचालन में भी किया. नतीजतन, उनके तानाशाह रवैये के चलते अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ियों को उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोलना पड़ा और बीते 18 जनवरी से वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?



