
बीजेपी ने छुट्टी वाले दिन नामांकन की मांगी थी अनुमति, चुनाव आयोग ने किया इनकार
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नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट का हवाला देते हुए बीजेपी ने 12 नवंबर को छुट्टी के दिन भी नामांकन पत्र भरने की छूट देने की मांग की थी. उस दिन दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी के नियम होने की वजह से नामांकन भरे नहीं जा सकेंगे.
मुख्य निर्वाचन आयोग ने बीजेपी की उस अपील को सिरे से नकार दिया है, जिसमें छुट्टी के दिन भी नामांकन के पर्चे भरने की इजाजत देने की गुहार लगाई गई थी. दरअसल, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट का हवाला देते हुए बीजेपी ने 12 नवंबर को छुट्टी के दिन भी नामांकन पत्र भरने की छूट देने की मांग की थी. उस दिन दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी के नियम होने की वजह से नामांकन भरे नहीं जा सकेंगे, जबकि गुजरात में पहले चरण में एक दिसंबर को 89 सीटों पर मतदान के लिए नामांकन 14 नवंबर तक ही भरने की अंतिम तारीख है.
बता दें कि गुजरात की 182 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में चुनाव होना है. इसके लिए 1 और पांच दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. प्रदेश में 5 नवंबर से नामांकन प्रकिया शुरू होगी और 14 नवंबर को पहले चरण की नामांकन की प्रक्रिया खत्म होगी. इसके लिए 17 नवंबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. वहीं दूसरे चरण का नामांकन 10 से 17 नवंबर के बीच दाखिल किया जा सकेगा. यहां पर 21 नवंबर तक उम्मीदवारी वापस लेने की अनुमति होगी.
इस बार गुजरात में 51782 पोलिंग स्टेशन्स पर 4.9 करोड़ वोटर वोट डालेंगे. इस बार गुजरात में 3,24,422 नए वोटर जोड़े गए हैं. 1274 मतदान केंद्रों का प्रबंधन पूरी तरह से महिला और सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा. 182 मतदान केंद्रो पर मतदाताओं का लोक निर्माण विभाग स्वागत करेगा. पहली बार 33 मतदान केंद्रों की स्थापना और प्रबंधन सबसे कम उम्र के मतदान कर्मचारी करेंगे.
गुजरात में 1995 से बीजेपी सत्ता पर काबिज
गौरतलब है कि गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा गरम है. बीजेपी गुजरात की सत्ता को बरकरार रखने की कवायद में जुटी है और इस बार 182 सीटों में से 160 प्लस का टारगेट रखा है. वहीं, कांग्रेस इस बार बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में जुटी है. इन सबके बीच आम आदमी पार्टी भी तमाम वादों के साथ दोनों की जगह नया विकल्प बनने के लिए पुरजोर कोशिश में जुटी है.

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