
US में ही रहते हैं लारिजानी और ईरानी पावरफुल नेताओं के 'घरवाले'... करते हैं ये काम!
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ईरान के सत्ताधारी पावरफुल नेताओं के बच्चे न्यूयॉर्क से लेकर लॉस एंजिल्स तक के कॉलेजों में अमेरिकी छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं. इनमें हाल में ही मारे गए ईरान के शीर्ष मिलिट्री अफसर और संसद के पूर्व अध्यक्ष की बेटी और भतीजी भी शामिल हैं.
ईरानी नेता अमेरिका को कट्टर दुश्मन मानते हैं और सड़कों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले जलाते हैं. फिर भी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए यूएस ही भेजते हैं. ईरानी शासन के शीर्ष नेताओं के फैमिली मेंबर्स अमेरिका के कई यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में अमेरिकी छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं.
द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी शासन के नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों के बच्चे अमेरिका भर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं, जिनमें मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क का यूनियन कॉलेज और जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय शामिल हैं.
सूत्रों ने कहा कि शासन से जुड़े लोगों को इतने प्रभावशाली पदों पर आसीन होने की अनुमति देना अमेरिकी मूल्यों के लिए खतरा पैदा कर सकता है. वॉशिंगटन डीसी स्थित थिंक टैंक फाउंडेशन फॉर द डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की ईरान विश्लेषक जनतान सायेह ने कहा कि मुझे लगता है कि इतनी छूट देने से अमेरिका में सुरक्षा जोखिम बढ़ेगा. क्योंकि ईरानी शिक्षाविदों ने अमेरिका में वामपंथी जनमत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
न्यूयॉर्क पोस्ट ने लिखा है कि इस खबर में जिन लोगों का जिक्र किया गया है, उनके खिलाफ पोस्ट को अमेरिका विरोधी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. ईरान के नेता अली लारिजानी, जिनकी मंगलवार को हवाई हमले में मौत हो गई, उनकी बेटी एक मेडिकल डॉक्टर हैं और वह अटलांटा के एमोरी विश्वविद्यालय में पढ़ाती थीं.
अली लारिजानी की बेटी अमेरिका थीं डॉक्टर लारिजानी की बेटी का नाम फातिमेह अर्देशिर-लारिजानी है. फातिमेह हाल तक विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित विनशिप इंस्टीट्यूट में डॉक्टर थीं, लेकिन बढ़ रहे दबाव के बाद जनवरी में विश्वविद्यालय ने उनसे नाता तोड़ लिया. ईरानी शासन पर नजर रखने वाले समूहों के अनुसार, अर्देशिर-लारिजानी स्वयं कैंसर से ठीक हो चुकी हैं और इलाज के लिए शुरू में अमेरिका आई थीं.
ईरान के इस्लामी शासन के समर्थकों के गठबंधन का विरोध करने वाली मानवाधिकार कार्यकर्ता लॉडन बजारगन ने कहा कि अली लारिजानी की बेटी फातिमा लारिजानी कैंसर के इलाज के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका आई. अमेरिका वही देश है जिसका उसका परिवार निंदा करता है, जबकि वहां लाखों ईरानियों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवा और अवसरों से वंचित रखा जा रहा है.

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