
बिहार शिक्षा विभाग में खेल! उप निदेशक ने पटना से दिल्ली तक खड़ी की करोड़ों की संपत्ति, छापेमारी में खुलासा
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बिहार में शिक्षा विभाग की उप निदेशक विभा कुमारी के तीन ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की है. इस दौरान अवैध रूप से बनाई गई करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि विभा कुमारी की दिल्ली और बिहार में कई संपत्तियां हैं. इस मामले आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.
बिहार सरकार में उच्च शिक्षा विभाग की उपनिदेशक विभा कुमारी पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने विभा कुमारी के तीन ठिकानों पर छापेमारी कर उनके आय से 52 फीसदी अधिक अवैध संपत्ति का पता लगाया. इसके बाद मामला दर्ज किया.
बता दें कि बिहार लोकसेवा आयोग की 37वीं परीक्षा पास कर 1993 से विभा कुमारी शिक्षा विभाग में हैं. अपने कार्यकाल के दौरान विभा कुमारी ने गलत तरीके से आय से अधिक संपत्ति जमा की. विभा कुमारी के पटना, वैशाली और मुजफ्फरपुर के ठिकानों पर छापेमारी की गई. इसी के साथ विकास भवन सचिवालय स्थित उच्च शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की भी तलाशी ली गई.
दिल्ली, पटना और मुजफ्फरपुर में खरीदे आवासीय भूखंड
उपनिदेशक विभा कुमारी का कार्य संदिग्ध और विवादित रहा है. आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर अपने पति और बेटे के नाम पर दिल्ली के रोहिणी में तीन 3 प्लॉट, पटना में आवासीय फ्लैट, मुजफ्फरपुर और वैशाली में 4 आवासीय भूखंड खरीदे. इसमें अवैध संपत्ति छिपाने के लिए रजिस्ट्री डीड में वास्तविक राशि से कम राशि दर्शाई गई.
आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक, विभा कुमारी ने अपने पति के नाम पर बड़ी राशि शेयर और म्युचुअल फंड, बैंक, फिक्स डिपॉजिट और अन्य बीमा कंपनियों में लगाई है, जबकि इनके पति का कोई प्रत्यक्ष आय का स्रोत नहीं है.
एक ट्रेवल एजेंसी भी चलाई जा रही थी, जिसमें लग्जरी गाड़ियां कैब के रूप में चलती थीं. छापेमारी में करीब 40 बैंक खातों का पता चला है, जिसमें 18 खाते स्टेट बैंक के हैं. जांच के दौरान 1 करोड़ 88 लाख से की संपत्ति पाई गई है.

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