
बिहार के बेटे को दुर्लभ बीमारी, 16 करोड़ के एक इंजेक्शन के लिए भटक रहे माता-पिता, नहीं सुन रही सरकार
ABP News
मेडिकल एक्सपर्ट की मानें तो इस बीमारी के लक्षण के साथ जन्म लेने वाले बच्चे ज्यादा से ज्यादा दो साल तक ही जिंदा रह पाते हैं. मुख्यमंत्री के जनता दरबार में दिया आवेदन लेकिन सुनवाई नहीं.
पटनाः राजधानी पटना के रुकनपुरा के रहने वाले एक दंपति ने स्पाइनल मस्कुलर स्ट्राफी बीमारी से पीड़ित अपने 10 माह के अयांश को बचाने के लिए लोगों से मदद की गुहार लगाई है. इस बीमारी का इलाज 16 करोड़ के इंजेक्शन की एक डोज से संभव है. दंपति के पास इतने पैसे नहीं हैं जिसकी वजह से उन्होंने आम लोगों से लेकर सरकार तक से गुहार लगाई है ताकि अयांश को बचाया जा सके. चिकित्सकों के अनुसार ये बीमारी एक लाख बच्चे में किसी एक को होता है. मेडिकल एक्सपर्ट की मानें तो इस बीमारी के लक्षण के साथ जन्म लेने वाले बच्चे ज्यादा से ज्यादा दो साल तक ही जिंदा रह पाते हैं. इसका अगर ठीक ढंग से इलाज हो जाए तो बच्चे को एक नया जीवन मिल सकता है. फिलहाल बच्चे का इलाज बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज में चल रहा है.More Related News

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