
बिहार की कानून व्यवस्था पर चिराग पासवान को हमले का मौका तो नीतीश ही दे रहे हैं
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चिराग पासवान का नीतीश कुमार पर बढ़ते अपराधों को लेकर हमला बेहद गंभी मामला है. राजनीतिक मुसीबतों से निबटना नीतीश कुमार को अच्छी तरह आता है, लेकिन ये बिहार की कानून और व्यवस्था का मसला है, जिससे पेशेवर तरीके से ही निजात मिल सकती है - विधानसभा चुनाव से पहले तो ये और भी चिंताजनक है.
तेजस्वी यादव का तो हक भी बनता है, लेकिन बिहार की दिनों-दिन खराब होती कानून और व्यवस्था पर चिराग पासवान का हमलावर होना नीतीश कुमार के लिए नई मुसीबत है. और धधकती आग में घी तो उनके एडीजीपी डाल देते हैं, बिहार में तेजी से बढ़ते अपराध को बरसाती मामला बताकर.
बिहार की कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार सबसे बड़े पुलिस अफसर तो लगता है जैसे राजनीतिक बयान ही देने लगे हैं. जैसे जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने हाल ही में दावा किया था, 20 वर्षों के शासनकाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया. जैसे यूपी के अस्पताल में बच्चों की मौत पर कहा गया था, ‘अगस्त में तो बच्च मरते ही हैं’ - ADG कुंदन कृष्णन कह रहे हैं, 'ज्यादातर हत्याएं अप्रैल, मई और जून के महीने में होती हैं... ये सिलसिला तब तक चलता रहता है जब तक बारिश नहीं आ जाती... क्योंकि, ज्यादातर किसानों के पास काम नहीं होता... और इसी दौरान अपराध बढ़ते हैं.'
कुंदन कृष्णन का ये शोध तो पुलिस के इतिहास में अलग से दर्ज किया जाना चाहिये. अभी तक तो पुलिस के डंडे के जोर पर अपराध कबूलवाने और एनकाउंटर में ठोक देने के लिए ही जाना जाता था, कुंदन कृष्णन की अवधारणा तो नेक्स्ट लेवल की लगती है.
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस पुलिसिया हरकत पर नीतीश कुमार को घेरा है. कहते हैं, कल बिहार पुलिस का बयान आया... मानसून चल रहा है, अपराध होता रहता है... मतलब, पुलिस ने भी अपने कर्तव्यों से हाथ खड़े कर दिए हैं. उनका कहना है, मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में हैं... बिहार उनके नियंत्रण से बाहर हो गया है... अपराधी अब सम्राट बन गए हैं... राज्य में भय और असुरक्षा का माहौल है.
बिहार की कानून-व्यवस्था पर पहले भी सवाल उठा चुके चिराग पासवान ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की है, और पटना के पारस अस्पताल के आईसीयू में घुस कर की गई हत्या के बहाने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोला है.
अपनी ही सरकार चिराग का निशाना

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