
बिलासपुर रेल हादसा... मलबे में जिंदा मिला मासूम, माता-पिता का अब तक नहीं लगा कोई सुराग
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए दर्दनाक रेल हादसे ने झकझोर कर रख दिया है. इस दुर्घटना में जहां कई लोगों की जान चली गई, वहीं एक मासूम जिंदगी चमत्कारिक रूप से बच गई. घटनास्थल से एक पांच साल से भी कम उम्र के बच्चे को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन उसके माता-पिता का कोई पता नहीं चल सका है.
छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर की शाम बिलासपुर स्टेशन के पास दर्दनाक रेल हादसा हो गया. तेज रफ्तार में आ रही मेमू लोकल ट्रेन एक खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई, जिसमें 11 यात्रियों की मौत हो गई और करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मलबे के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन इसी भयावह दृश्य के बीच एक मासूम बच्चे की जिंदगी बच गई.
हादसे में घायल इस बच्चे के माता-पिता का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है. रेल प्रशासन और स्थानीय लोगों ने जब राहत अभियान शुरू किया, तो मलबे के पास यह मासूम घायल हालत में मिला. उसे तुरंत रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
दर्दनाक बात यह है कि बच्चे के माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. रेलवे प्रशासन ने अपील की है कि जो भी व्यक्ति बच्चे के माता-पिता या परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो, वह तुरंत रेलवे अस्पताल या बिलासपुर रेल कंट्रोल रूम से संपर्क करे.
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा है कि घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था. एनडीआरएफ, रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया. सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. रेल प्रशासन ने प्राथमिक राहत के रूप में सभी घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है. वरिष्ठ अधिकारी लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं और घायलों से मिलकर उनका हालचाल पूछ रहे हैं.
इस हादसे में जहां कई परिवारों का सबकुछ खत्म हो गया, वहीं एक मासूम इस हादसे में बच गया, लेकिन उसके माता-पिता का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. अस्पताल में टीम उसका इलाज कर रही है.

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