
'बिना नेहरू-गांधी परिवार के कांग्रेस पार्टी शून्य है,' नामांकन से पहले बोले दिग्विजय सिंह
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दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरने का फैसला लिया है. उन्होंने गुरुवार को नामांकन पत्र भी खरीद लिया है. शुक्रवार को वे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. वहीं, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में कल नामांकन दाखिल करने जा रहे राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा है कि बिना नेहरू-गांधी परिवार के कांग्रेस शून्य है. दिग्विजय से सवाल पूछा गया था कि पार्टी के चुनाव और अन्य निर्णयों में अभी भी गांधी परिवार का दखल रहता है. इसी सवाल पर दिग्विजय ने जवाब दिया है.
बता दें कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरने का फैसला लिया है. उन्होंने गुरुवार को नामांकन पत्र भी खरीद लिया है. शुक्रवार को वे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. वहीं, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. अब तक कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शशि थरूर और दिग्विजय का नाम सामने आया है.
हर सदस्य को चुनाव लड़ने का अधिकार
आजतक ने दिग्विजय सिंह से बातचीत की. दिग्विजय का कहना था कि PCC डेलीगेट्स के हर सदस्य को कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का अधिकार है. पार्टी ने सभी को आगे आने का मौका दिया है. मैं हमेशा से कहता रहा हूं कि 30 तारीख का इंतजार करिए. इससे पहले दिग्विजय ने कहा था- आज नामांकन फॉर्म लेने आया हूं. संभवत: कल इसे दाखिल करूंगा. आज सुबह पी चिंदबरम ने भी दिग्विजय सिंह से मुलाकात की थी. बाद में दिग्विजय ने शशि थरूर से भी मुलाकात की. वे उनसे मिलने गए थे.
गांधी विचारधारा के हैं गहलोत
क्या अशोक गहलोत के ना उतरने की वजह से चुनाव में आने का तय किया? इस पर दिग्विजय ने कहा कि अभी तक ये महसूस किया जा रहा था कि गहलोत हमारे ऑफिशियल कंडीडेट हो सकते हैं. अशोक अगर खड़े होते हैं तो हम लोग उन्हें इज्जत से देखते हैं. उन्होंने पार्टी हित में काम किया. गांधी विचारधारा के हैं. पार्टी के प्रति ईमानदारी से काम किया है. लेकिन जो जयपुर में घटना हुई है, उसे टाला जा सकता था. उसके कारण ये दिक्कत आ रही है.

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