
'बाइज्जत बरी' हुए क्रिस्टोफर कोलंबस, नहीं लाए थे अमेरिका में AIDS जैसी ये बीमारी!
AajTak
सिफलिस महामारी का पहला प्रकोप 15वीं शताब्दी के अंत में यूरोप में दर्ज किया गया था तो कोलंबस को इसके लिए दोषी माना जाता था. लेकिन अब डीएनए सबूत से पता चलता है कि इसमें उनकी गलती नहीं थी.
15वीं सदी में सिफलिस नाम की एक बीमारी फैली थी जिसने 18वीं सदी तक यूरोप में कहर बरपाया था. इसके लिए दुनिया इटैलियन एक्सप्लोरर क्रिस्टोफर कोलंबस को दोषी मानती है. लेकिन अब एक नए अध्ययन से पता चला है कि अमेरिका में सिफलिस जैसी बीमारियां लाने के लिए इटैलियन एक्सप्लोरर क्रिस्टोफर कोलंबस दोषी नहीं हैं.
क्रिस्टोफर कोलंबस ने 1492 में अमेरिका की खोज की थी. उन्होंने ग्रेट अटलांटिक महासागर में चार यात्राएं (समुद्र से यात्रा करने वाली लंबी यात्रा) पूरी की थी. ऐसे में लंबे समय से उन्हें ही इस बीमारी को लाने के लिए दोषी माना जा रहा था.
हालांकि, रिसर्चर्स ने अब पता लगाया है कि यह संक्रमण उनके अमेरिका पहुंचने से हजारों साल पहले ही आ चुका था.
क्या है सिफलिस?
सिफलिस एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) है जो ट्रेपोनेमा पैलिडम जीवाणु के कारण होता है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सिफिलिटिक घाव किसी भी तरह सीधे संपर्क से फैलता है.
इलाज के बिना, सिफलिस पूरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. सिफलिस से एचआईवी संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










