
बांग्लादेश: वकीलों को धमकी, नहीं मिल रही पा रही कानूनी मदद, अब एक महीने तक जेल में ही रहेंगे चिन्मय दास
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बांग्लादेश में इस्लामवादियों द्वारा धमकाए जाने की वजह से, चटगांव में कोई भी वकील पिछले एक हफ्ते से जेल में बंद हिंदू संन्यासी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत की सुनवाई के लिए नहीं आया.
बांग्लादेश (Bangladesh) में इस्लामवादियों द्वारा धमकाए जाने की वजह से, कोई भी वकील एक हिंदू संन्यासी का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगे नहीं आया. वो अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए लड़ रहे थे और राजद्रोह के आरोप में जेल में बंद हुए. संन्यासी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को एक महीने जेल में बिताना होगा, जबकि उनके पिछले वकील उनके घर पर हुए हमले के बाद अस्पताल की ICU में जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.
ISKCON इंडिया ने सोमवार को बताया कि चिन्मय कृष्ण दास का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील रामेन रॉय पर इस्लामवादियों ने क्रूरतापूर्वक हमला किया और उनके घर में तोड़फोड़ की. संस्था ने कहा कि रॉय अस्पताल के ICU में अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे. हमले और धमकियां मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की आवाज को दबाने की कोशिश का हिस्सा हैं.
चिन्मय कृष्ण दास ISKCON के एक साधु थे, लेकिन संगठन ने सितंबर में उनसे दूरी बना ली थी. हालांकि, संगठन देशद्रोह के आरोप में दास की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाई है.
केस लड़ने की हिम्मत नहीं कर सके वकील
रामेन रॉय पर हमले और वकीलों को धमकियों के बाद, दास मंगलवार को चटगांव की एक कोर्ट में कानूनी रूप से प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए. रॉय पर हमले के उदाहरण के रूप में, किसी भी वकील ने हिंदू साधु को जमानत दिलाने में कानूनी सहायता देने की हिम्मत नहीं की. दास की सुनवाई की अगली तारीख 2 जनवरी तय की गई है. इसलिए, वे एक महीने तक जेल में रहेंगे.
चिन्मय दास की कानूनी टीम के सूत्रों ने India Today TV को बताया कि चटगांव बार एसोसिएशन के मुस्लिम वकील लगातार हिंदू वकीलों को डरा रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं, जो पहले दास के लिए पेश हुए थे. उनका कहना है कि धमकियां लगातार मिल रही हैं.

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