
'बस रोका, फिर 15 लोग अंदर चढ़े और...', जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर नकाबपोशों ने किया हमला
AajTak
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में बुधवार को एक निर्माण कंपनी के चार कर्मचारियों को एक परियोजना स्थल पर ले जा रही बस पर हुए हमले में मामूली चोटें आईं.
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक निर्माण कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रही बस पर किए गए हमले में चार कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए. यह घटना बुधवार को हुई जब नकाबपोश हमलावरों ने बस को रोका और उसमें सवार लोगों पर हमला किया. इस घटना के बाद आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
बस को रोक कर किया हमला बस में सवार कर्मचारी एक सुरंग के प्रोजेक्ट स्थल के लिए मारोग जा रहे थे, तभी सेरी में नकाबपोश हमलावरों ने बस को रोक लिया. उन्होंने बस में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस के अनुसार, इस घटना में चार कर्मचारी घायल हुए हैं.
रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुलबीर सिंह ने बताया कि आठ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. हमलावरों के नाम का पता नहीं चल पाया है. SSP ने कहा कि बाहर से आए हुए कर्मचारी चिंता न करें. हम उन्हें सुरक्षा देने के लिए मौजूद हैं.
10 से 15 लोग बस में चढ़ गए घायलों में से एक कर्मचारी हिमाचल प्रदेश के इंजीनियर मनोज कुमार ने बताया कि नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें धमकी दी और पूछा कि वे रामबन क्यों नहीं छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, 'दो लोग हमारी बस को रोककर खड़े थे, फिर 10 से 15 लोग बस में चढ़ गए और हमें मारने लगे. हमारे छह या सात साथी घायल हुए हैं.' कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा की मांग की.
उन्होंने जोर दिया कि हमें काम करते हुए सुरक्षा दी जाए. इस घटना से यह पता चलता है कि जम्मू कश्मीर में काम कर रहे बाहरी कर्मचारी कितनी कठिन परिस्तिथियों में काम करते हैं. प्रवासी मजदूरों पर लगातार हमले प्रशासन के लिए चिंता का सबब बन गया है.

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.










