
बनाएंगे दंगा रोधी बल और टास्क फोर्स... पीएम शहबाज शरीफ ने PTI के प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई का दिया आदेश
AajTak
प्रधानमंत्री शरीफ ने बताया कि इस टास्क फोर्स का नेतृत्व गृह मंत्री मोहसिन नकवी करेंगे. इसमें कानून मंत्री आजम नजीर तरार, आर्थिक मामलों के मंत्री अहद खान चीमा, सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह टास्क फोर्स बीते रविवार को हुई हिंसा में शामिल हथियारबंद व्यक्तियों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ सख्त सज़ा की सिफारिश करेगी.
इस्लामाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कई अहम फैसले लिए. उन्होंने एक हाई लेवल मीटिंग में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करते हुए हिंसा फैलाने वालों की पहचान के लिए एक टास्क फोर्स बनाने और भविष्य में दंगों को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय दंगा-रोधी बल (Federal Anti-Riots Force) के गठन की घोषणा की.
टास्क फोर्स की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री शरीफ ने बताया कि इस टास्क फोर्स का नेतृत्व गृह मंत्री मोहसिन नकवी करेंगे. इसमें कानून मंत्री आजम नजीर तरार, आर्थिक मामलों के मंत्री अहद खान चीमा, सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह टास्क फोर्स बीते रविवार को हुई हिंसा में शामिल हथियारबंद व्यक्तियों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ सख्त सज़ा की सिफारिश करेगी.
दंगा-रोधी बल और फोरेंसिक लैब प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित दंगा-रोधी बल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक प्रशिक्षित किया जाएगा और उन्नत उपकरणों से लैस किया जाएगा. इसके अलावा, ऐसे मामलों की जांच और सबूत जुटाने के लिए आधुनिक तकनीक से सुसज्जित एक फेडरल फोरेंसिक लैब भी स्थापित की जाएगी.
PTI पर आरोप शरीफ ने इमरान खान की पार्टी पर तीखा हमला करते हुए इसे “फितना” (अराजकता) और “आतंकवादियों का समूह” करार दिया. उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा सरकार पर राज्य के संसाधनों का इस्तेमाल कर इस्लामाबाद पर "हमला" कराने का आरोप लगाया. उन्होंने PTI को पाकिस्तान को बर्बाद करने से रोकने का संकल्प लिया और दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री ने बताया कि इन विरोध प्रदर्शनों और धरनों से पाकिस्तान को हर दिन 190 अरब रुपये का नुकसान हो रहा है. प्रदर्शन के दौरान करीब एक हजार प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है.
PTI का पलटवार बुधवार को PTI ने प्रशासन की कार्रवाई के बाद इस्लामाबाद में अपना विरोध "फिलहाल" के लिए स्थगित कर दिया. पार्टी ने इसे "फासीवादी सैन्य शासन" के तहत "नरसंहार" करार दिया और कहा कि उनके समर्थकों को हिंसा के जरिए पीछे हटने पर मजबूर किया गया.

बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी के चुनाव से पहले अमेरिकी राजदूत की जमात-ए-इस्लामी प्रमुख डॉ शफीकुर रहमान से मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है. इस बातचीत का फोकस चुनाव, राज्य सुधार, अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोहिंग्या संकट पर रहा. अमेरिका की जमात से बढ़ती नजदीकियों को आगामी चुनाव में उसके संभावित बड़े रोल से जोड़कर देखा जा रहा है.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.







