
बढ़ती आत्महत्याओं के बीच ECI के डांस वीडियो पर बवाल, विपक्ष ने बताया- शर्मनाक
AajTak
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई BLOs की कथित आत्महत्याओं के बीच चुनाव आयोग द्वारा जारी केरल का 'जॉयाथन' डांस वीडियो विवादों में घिर गया है. विपक्ष ने इसे संवेदनहीन करार दिया है. कई राज्यों में भारी दबाव का सामना कर रहे BLOs की मौतों ने प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि ECI ने SIR की समय सीमा बढ़ा दी है.
देशभर में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की लगातार हो रही कथित आत्महत्याओं के बीच चुनाव आयोग का एक सोशल मीडिया वीडियो बड़े विवाद में बदल गया है. रविवार को ECI ने केरल में आयोजित "SIR जॉयाथन" का एक क्लिप साझा किया, जिसमें BLOs को संगीत पर डांस करते और जुम्बा सेशन में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया. लेकिन यह वीडियो ऐसे समय सामने आया जब उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में BLOs के काम के दबाव में जान देने की खबरें आ रही थीं.
ताजा मामला सोमवार को यूपी के मुरादाबाद से आया, जहां एक BLO ने आत्महत्या कर ली. इसके बाद विपक्ष सहित कई संगठनों ने ECI को "संवेदनहीन" और "वास्तविक समस्याओं से दूर" बताया. कांग्रेस के राज्यसभा उपनेता प्रमोद तिवारी ने संसद में दावा किया कि SIR के दबाव में "20 से अधिक BLOs जान गंवा चुके हैं" और पूछा कि "आख़िर कितनी जिंदगियां इस प्रक्रिया की भेंट चढ़ेंगी?"
यह भी पढ़ें: SIR पर चर्चा के लिए संजय सिंह का राज्यसभा में नोटिस, बोले- 19 दिनों में 16 BLO की मौत
विवादित वीडियो में ECI ने "एक छोटा ब्रेक, एक मजबूत टीम" का संदेश देते हुए बताया कि 50 मिनट काम और 10 मिनट मस्ती के फॉर्मेट के तहत कैम्प आयोजित किए गए, लेकिन सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी, कहते हुए कि जब कर्मचारी आत्महत्या कर रहे हैं, उस समय ऐसा वीडियो पोस्ट करना "बेहद असंवेदनशील" है.
BLOs लगातार कर रहे शिकायत
कई सरकारी स्कूलों में तैनात BLOs ने शिकायत की है कि 1,000 से अधिक मतदाताओं का वेरिफिकेशन, कागजी कार्यवाही, ऐप एंट्री और रोज़ाना मॉनिटरिंग के कारण वे चरम मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं. साथ ही, नियमित नौकरी और SIR की दोहरी जिम्मेदारी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






