
'फैसले के बाद अब किसी को शक नहीं रहना चाहिए...', EVM पर SC के फैसले के बाद चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
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वीवीपैट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले के बाद अब किसी को शक नहीं रहना चाहिए. अब पुराने सवाल खत्म हो जाने चाहिए. सवालों के वोटर के मन में शक होता है. चुनाव सुधार भविष्य में भी जारी रहेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के तहत दूसरे चरण की वोटिंग के बीच शुक्रवार को एक अहम फैसला दिया. कोर्ट ने वीवीपैट वेरिफिकेशन की मांग को लेकर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. बैलेट पेपर की मांग को लेकर दर्ज याचिका भी खारिज कर दी गई है. इस फैसले के बाद चुनाव आयोग ने प्रतिक्रिया दी है.
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. चुनाव कराना एक लंबी प्रक्रिया है और हम इसे पूरी गंभीरता और ईमानदारी से करते हैं. हमें उम्मीद हैं कि इस फैसले के बाद देश में किसी को भी अब ईवीएम को लेकर संदेह नहीं रहेगा और इस तरह के पुराने सवाल अब और नहीं पूछे जाएंगे. अब समय आ गया है कि अविश्वास के इस पुराने अध्याय को खत्म किया जाए. हम सब मिलकर भविष्य में अधिक से अधिक सुधारवादी कदमों की उम्मीद कर सकते हैं.
चुनाव आयोग ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले के बाद अब किसी को शक नहीं रहना चाहिए. अब पुराने सवाल खत्म हो जाने चाहिए. सवालों के वोटर के मन में शक होता है. चुनाव सुधार भविष्य में भी जारी रहेगा.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसले में साफ कर दिया है कि मतदान ईवीएम मशीन से ही होगा. ईवीएम-वीवीपैट का 100 फीसदी मिलान नहीं किया जाएगा. 45 दिनों तक वीवीपैट की पर्ची सुरक्षित रहेगी. ये पर्चियां उम्मीदवारों के हस्ताक्षर के साथ सुरक्षित रहेगी.
कोर्ट का निर्देश है कि चुनाव के बाद सिंबल लोडिंग यूनिटों को भी सीलकर सुरक्षित किया जाए. यह भी निर्देश दिया गया है कि उम्मीदवारों के पास नतीजों की घोषणा के बाद टेक्निकल टीम द्वारा ईवीएम के माइक्रो कंट्रोलर प्रोग्राम की जांच कराने का विकल्प होगा, जिसे चुनाव घोषणा के सात दिनों के भीतर किया जा सकेगा.

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