
प्रोग्राम किया कैंसिल, नहीं लौटाए पैसे..., डांसर सपना चौधरी पर आरोप तय, अब हाईकोर्ट में 12 दिसंबर को सुनवाई
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मशहूर डांसर सपना चौधरी को डांस के कार्यक्रम में न आने और दर्शकों के टिकट के रुपए वापस न करने के मामले में हाईकोर्ट की बेंच ने हरियाणवी डांसर सपना चौधरी और अन्य 5 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है. मामले की अगली सुनवाई 12 दिसम्बर को होगी.
लखनऊ में हाईकोर्ट की बेंच ने डांस का कार्यक्रम कैंसिल करने व टिकट का पैसा वापस न करने का मामले में मशहूर डांसर सपना चौधरी और पांच अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 12 दिसम्बर को होगी.
जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान सपना चौधरी गुपचुप तरीके से कोर्ट में पहुंची और कोर्ट द्वारा आरोप तय करने के वक्त सपना चौधरी कोर्ट में मौजूद रहीं. वहीं, अन्य 5 अभियुक्त भी कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहे.
हाईकोर्ट की बेंच ने सपना चौधरी के अलावा अभियुक्त जुनैद अहमद, नवीन शर्मा, इवाद अली, रत्नाकर उपाध्याय और अमित पाण्डेय के खिलाफ धारा 420 और धारा 406 में आरोप तय किया है.
सपना ने इंस्टा पर डाला पोस्ट बता दें, धोखाधड़ी मामले को लेकर सपना ने 19 सितंबर को लखनऊ के एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया था. फिर उन्हें थोड़ी देर कस्टडी में लेने के बाद रिहा कर दिया गया. सपना ने इसके बाद इंस्टा पर नया पोस्ट भी डाला था. इस रील वीडियो में सपना चौधरी ने अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया. जिस डायलॉग पर सपना ने वीडियो बनाया वो है- दुश्मनों को यही खल रहा है कि तूफानों में भी हमारा दीया क्यों जल रहा है. कैप्शन भी सपना चौधरी ने अपने टशन में जोरदार लिखा. उन्होंने लिखा- वक्त फंसा सकता है, लेकिन मैं परेशान नहीं हूं, हालातों से जो हार मान जाए मैं वो इंसान नहीं हूं. सपना का ये कैप्शन उनकी शख्सियत को बयां करता है. सपना चौधरी ने अपने हेटर्स को साफ चेतावनी दे दी थी कि वो झुकने या कमजोर पड़ने वालों में से नहीं हैं.
क्या है पूरा मामला? बता दें कि 14 अक्टूबर 2018 को अक्टूबर में लखनऊ के स्मृति उपवन में सपना चौधरी का कार्यक्रम था. इस दौरान लोगों ने कार्यक्रम को देखने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रणाली के तहत टिकट के 300 रुपए दिए थे. लेकिन सपना चौधरी उस कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं. जिसके बाद लोगों ने हंगामा काटा और फिर मामला कोर्ट में जा पहुंचा. क्योंकि हजारों की तादाद में लोगों ने टिकट को पैसे देकर खरीदा था. यहां तक कि लोगों को टिकट का पैसा भी वापस नहीं किया गया था.

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