
प्रशांत भूषण की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कोर्ट की अवमानना मामले में सरकार से मांगा जवाब!
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प्रशांत भूषण को न्यायपालिका की अवमानना करने वाले ट्वीट के लिए दोषी करार दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने उन पर 31 अगस्त 2021 को एक रुपये जुर्माना लगाया था.
वकील प्रशांत भूषण ने अवमानना मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ अपील का अधिकार देने का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. उनकी इस याचिका पर कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है.
प्रशांत भूषण को न्यायपालिका की अवमानना करने वाले ट्वीट के लिए दोषी करार दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने उन पर 31 अगस्त 2021 को एक रुपये जुर्माना लगाते हुए 15 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जुर्माना राशि जमा करने का निर्देश दिया था. आदेश का पालन नहीं करने पर भूषण को 3 महीने जेल की सजा और 3 साल के लिए वकालत करने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था.
भूषण ने अपनी वकील कामिनी जायसवाल के जरिए याचिका दाखिल की है. इस याचिका में उन्होंने अनुरोध किया कि 'इस अदालत से आपराधिक अवमानना के मामले में याचिकाकर्ता समेत दोषी व्यक्ति को अलग पीठ में अपील करने का अधिकार देने का फैसला किया जाए.'
भूषण ने याचिका में दिया है सुझाव
याचिका में भूषण ने आपराधिक अवमानना मामले में प्रक्रियागत बदलाव का सुझाव दिया है. इसमें 'एकतरफा, रोषपूर्ण और दूसरे की भावनाओं पर विचार किए बिना' किए गए फैसले की आशंका दूर करने का अनुरोध किया गया है. भूषण ने अपनी याचिका में कहा है कि ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट एक पक्ष होने के साथ साथ 'अभियोजक, गवाह और जज भी होता है' इसलिए पक्षपात की आशंका पैदा होती है क्योंकि सब कुछ होने के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट एक पक्षकार भी होता है.
दोषसिद्धि के खिलाफ है अपील का अधिकार

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