
प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग... हैरान कर देगी कानपुर की किन्नर काजल के कत्ल की कहानी, कातिल ने किया सुसाइड
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कानपुर में किन्नर काजल और उसके मुंहबोले भाई की हत्या के बाद फरार आरोपी आकाश विश्वकर्मा ने सतना के होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वहां पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें ब्लैकमेलिंग का जिक्र है. जानें क्या है पूरा मामला.
Kanpur Double Murder Satna Hotel Suicide: कानपुर में एक बेडबॉक्स के अंदर से एक लाश मिली. वहीं करीब में एक 12 साल के लड़के की लाश भी पड़ी थी. घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की. कातिल की तलाश की जा रही थी. लेकिन इससे पहले कि पुलिस कातिल तक पहुंच पाती, अचानक मध्य प्रदेश के एक होटल से कानपुर पुलिस के पास एक खबर आती है. जिससे पता चलता है कि होटल के एक कमरे से डबल मर्डर करने वाले कातिल की लाश मिली है. और इस तरह से यह मामला उलझ जाता है.
कानपुर के हनुमंत विहार खाड़ेपुर का एक मकान. इस मकान में पुलिस वालों की भीड़ और कमरे में रखे बेडबॉक्स के अंदर और बाहर से बरामद हुई दो-दो लाशें. मौका-ए-वारदात मौजूद मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में करीब हफ्ते भर पहले कैद कुछ तस्वीरें सामने आती हैं. जिनमें एक नौजवान इत्मीनान से घर से बाहर निकल कर गलियों से जाता हुआ दिखता है. फिर सीसीटीवी फुटेज के रिकॉर्ड होने के 4 दिन बाद कानपुर से 269 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के सतना जिले में मौजूद एक होटल से एक नौजवान के सुसाइड की तस्वीरें सामने आती हैं.
यूपी के कानपुर से लेकर एमपी के सतना तक इन घटनाओं का कनेक्शन जब सामने आया तो कानपुर से लेकर सतना तक पुलिस वालों का भी दिमाग घूम गया. ये एक डबल मर्डर और सुसाइड की ऐसी उलझाने वाली कहानी थी, जिसकी कड़ियों को सुलझाने में पुलिस के भी पसीने छूट गए. लेकिन जब तक पुलिस पूरी कहानी से पर्दा उठा पाती, तब तक कातिल ने ही खुद ही खुद को पुलिस और कानून के हवाले कर दिया, लेकिन जिंदा नहीं, मुर्दा.
दरअसल, रिटायर्ड फौजी अभिमन्यु सिंह ने अपना ये मकान एक किन्नर काजल को किराये पर दे रखा था. काजल यहां अपने 12 साल के मुंहबोले भाई देव के साथ रहती थी. 10 अगस्त की शाम तक यहां सबकुछ नॉर्मल था, सिवाय इस बात के, कि इस मकान के आस-पास लोगों को रह रह कर तेज बदबू आ रही थी. लेकिन 10 अगस्त की रात करीब साढ़े नौ बजे इस मकान से जो खबर बाहर आई, उसने आस-पास के लोगों को सन्नाटे में डाल दिया. मकान के अंदर काजल और देव का कत्ल हो चुका था. काजल की लाश कमरे में रखे बेड बॉक्स के अंदर पड़ी थी, जबकि देव की लाश फर्श पर. लाशों की हालत देख कर साफ था कि कत्ल की इस वारदात को कम से कम तीन से चार दिन गुजर चुके थे.
यूपी के मैनपुरी से ही जब काजल की मां गुड्डी वहां अपने बच्चों से मिलने पहुंची, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद देखा. जबकि मकान के अंदर से उन्हें भी तेज बदबू का अहसास हो रहा था. इस पर उन्होंने मकान मालिक की मदद से कमरे का ताला खुलवाया. मगर इसके बाद उन्हें अंदर जो मंजर दिखाई दिया, वो रौंगटे खड़े करने वाला था. अंदर काजल और उसके भाई की लाश पड़ी थी. चूंकि मामला दोहरे कत्ल का था, तो कानपुर पुलिस के तमाम आलाधिकारी मामले की जांच के लिए मौके पर जा पहुंचे.
पुलिस ने काजल के घरवालों से बात की और ये समझने की कोशिश करने लगी कि आखिर दोनों का कत्ल किसने किया होगा? इस पर काजल की मां ने एक-एक कर तीन लड़कों के नाम लिए और शक जताया कि इन्हीं तीनों में से किसी ने काजल और देव की हत्या की होगी. इनमें एक था आकाश, दूसरा गोलू उर्फ आलोक और तीसरा हेमराज. असल में ये तीनों ही या तो काजल के दोस्त थे या फिर दोस्त रह चुके थे और इनका काजल के घर आना-जाना भी था.

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