
पोलिंग बूथ पर वोटर्स की संख्या 1200 से बढ़ाकर 1500 क्यों की? SC ने EC से मांगा जवाब
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सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह को इस फैसले के पीछे के तर्क को स्पष्ट करते हुए हलफनामा दायर करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 से बढ़ाकर 1500 करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है. इस पर अदालत ने अब आयोग से जवाब मांगा है.
सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह को इस फैसले के पीछे के तर्क को स्पष्ट करते हुए हलफनामा दायर करने को कहा है.
सीजेआई ने आयोग से पूछा है कि अगर मतदान केंद्र पर 1500 से अधिक लोग आते हैं तो स्थिति को कैसे संभाला जाएगा? इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि यह फैसला लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों से चर्चा की गई थी. 2019 से प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1500 है लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की. अगर हर कोई पॉलिंग बूथ पर तीन बजे आना शुरू कर देगा तो क्या ही किया जा सकता है?
इस पर तीन हफ्ते के भीतर चुनाव आयोग के भीतर हलफनामा पेश करने को कहा है. कोर्ट ने आयोग से हलफनामे में यह भी बताने को कहा कि एक पोलिंग बूथ में कितने ईवीएम होते हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम में मतदाताओं की कुल संख्या बढ़ाते समय राजनीतिक दलों से परामर्श किया जाता है. बता दें कि इस मामले पर अब अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी.

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