
पैनल में कांग्रेस-सपा को जगह, विपक्षी वोट... बालियान-निशांत दुबे की केमिस्ट्री को कैसे रूडी ने दी मात?
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दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव पद के लिए बीजेपी के सांसद राजीव प्रताप रूडी और बीजेपी के ही पूर्व सांसद संजीव बालियान के बीच मुकाबला था. बालियान को बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे खुलकर चुनाव लड़ा रहे थे, लेकिन विपक्ष का रूडी के समर्थन में उतरने से सारे गेम ही बदल गया.
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया की चुनावी बाजी बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने एक बार फिर अपने नाम कर ली है. वह लगातार चौथी बार क्लब के सचिव चुने गए हैं. राजीव प्रताप रूडी के सियासी वर्चस्व को तोड़ने के लिए इस बार बीजेपी के पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान मैदान में उतरे थे, जिनके समर्थन में निशिकांत दुबे खुलकर खड़े थे. इसके बावजूद रूडी, बालियान को मात नहीं दे सके.
ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर राजीव प्रताप रूडी किस सियासी केमिस्ट्री के साथ चुनाव मैदान में उतरते थे कि संजीव बालियान उन्हें चुनावी मात नहीं दे सके.
क्लब की स्थापना 1947 में हुई थी. यह क्लब सांसदों और पूर्व सांसदों के लिए सामाजिक और राजनीतिक मंच है. राजीव प्रताप रूडी पिछले 25 साल से इस क्लब पर काबिज़ हैं. इस बार उनका मुकाबला अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद संजीव बालियान से था. इस तरह यह बीजेपी बनाम बीजेपी का मुकाबला बन गया था, लेकिन रूडी ने अपने पैनल और विपक्षी वोटों को लामबंद करके अपना सियासी कब्ज़ा बरकरार रखा.
कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब पर रूडी का दबदबा
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के कुल 1295 सदस्य हैं, जिन्हें वोट करने का अधिकार है. लोकसभा और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य और कुछ पूर्व सांसद क्लब के सदस्य हैं. मंगलवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के सचिव पद और 11 कार्यकारी सदस्यों के लिए चुनाव हुए थे. 1295 मतदाताओं में से 707 वोट पड़े, जिनमें से 38 वोट पोस्टल बैलेट से और 669 सदस्यों ने ख़ुद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जाकर वोट डाले थे. इस तरह क़रीब 52 फ़ीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
क्लब के सचिव (प्रशासन) पद के लिए राजीव प्रताप रूडी को 392 वोट मिले, जबकि संजीव बालियान को 290 मत मिले. इस तरह रूडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को 102 वोटों के अंतर से हराकर सचिव पद पर अपना कब्ज़ा बरकरार रखा. जीत के बाद रूडी ने कहा कि मैं 100 से ज़्यादा वोटों से जीता हूँ और अगर इसे 1000 मतदाताओं से गुणा किया जाए, तो यह संख्या 1 लाख हो जाती है.

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