
'पूनम पांडे को रामलीला में मंदोदरी नहीं, सूर्पनखा का रोल दो, किरदार के हिसाब से कास्ट करो...', कंप्यूटर बाबा की सलाह
AajTak
दिल्ली की लव-कुश रामलीला में मंदोदरी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री पूनम पांडे पर कंप्यूटर बाबा कहते हैं,
दिल्ली की विख्यात लवकुश रामलीला आरंभ से पहले ही विवादों में गिर गई है. इसकी वजह पूनम पांडे को रामलीला में दिया जाने वाला किरदार है. इस बार की लव कुश रामलीला में पूनम पांडे को मंदोदरी बनाया जाएगा. यह जानकारी मिलते ही संत समाज में इस बात का विरोध शुरू हो गया है.
मध्य प्रदेश के चर्चित कंप्यूटर बाबा ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पूनम पांडे को मंदोदरी नहीं, बल्कि 'सूर्पनखा' बनाना चाहिए.
दरअसल, पूनम पांडे की बोल्ड छवि को लेकर वह हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं, लेकिन अचानक से उन्हें दिल्ली में 22 सितंबर से शुरू होने जा रही लव कुश रामलीला में मंदोदरी का पात्र दिया गया है. इसकी खबर फैलते ही संत समाज में विरोध के सुर उठने शुरू हो गए हैं.
जब कंप्यूटर बाबा से इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूनम पांडे को मंदोदरी नहीं बल्कि सूर्पनखा का पत्र निभाना चाहिए. कंप्यूटर बाबा ने कहा कि रामलीला के अध्यक्ष को इतने दिन हो गए रामलीला करते-करते, लेकिन उन्हें बुद्धि नहीं आई कि आपको किसको क्या पात्र देना चाहिए?
कंप्यूटर बाबा ने कहा, ''पूनम पांडे को मंदोदरी का नहीं, बल्कि सूर्पनखा का पात्र देना चाहिए. सूर्पनखा ब्राह्मण थी, रावण की बहन थी और मंदोदरी की ननद थी. रामलीला के अध्यक्ष से में अनुरोध करूंगा कि जो जैसा है उसको वैसा ही पात्र बनाया जाए.''

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










