
'पुराने क्रिमिनल कानून खत्म किए जाएं', DGP कॉन्फ्रेंस में बोले पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के 57वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सिफारिश की कि पुराने अप्रचिलित कानून खत्म किए जाएं, साथ ही कहा कि राज्य पुलिस बल और केंद्रीय एजेंसियों के बीच अधिक सहयोग होना चाहिए ताकि क्षमताओं का लाभ उठाया जा सके.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के 57वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि पुराने हो चुके अप्रचलित आपराधिक कानूनों (Obsolete Criminal Laws) को खत्म करने और राज्यों में पुलिस संगठनों के लिए मानक तय करने की भी सिफारिश की. साथ ही पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि जहां पुलिस बलों को बायोमेट्रिक्स जैसे तकनीकी समाधानों का अधिक लाभ उठाना चाहिए. साथ ही पैदल गश्त जैसे पारंपरिक पुलिसिंग तंत्र को और मजबूत करने की भी जरूरत है.
एजेंसी के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि पुलिस बलों को उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक संवेदनशील और प्रशिक्षित किया जाना चाहिए. साथ ही कहा कि क्षमताओं का लाभ उठाने के लिए राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच अधिक सहयोग की जरूरत है.
'पैदल गश्त के सिस्टम को बढ़ाएं'
प्रधानमंत्री ने मोदी ने जेल प्रबंधन में सुधार के लिए जेल सुधारों का भी समर्थन किया. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने सीमा के साथ-साथ तटीय सुरक्षा को मजबूत करने पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि तकनीकी समाधान अपनाने के साथ-साथ पैदल गश्त जैसे पुलिसिंग के पारंपरिक तंत्र को बढ़ाना चाहिए.
आतंकवाद और साइबर सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
प्रधानमंत्री मोदी ने उभरती चुनौतियों पर चर्चा करने और अपनी टीमों के बीच बेहतर सिस्टम को डवलप करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर DGP-IGP सम्मेलनों के मॉडल को दोहराने का आह्वान किया. इस सम्मेलन में पुलिसिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें आतंकवाद और साइबर सुरक्षा शामिल है.

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