
पुणे पोर्श कार कांड: आरोपी के दादा को 3 दिन की पुलिस हिरासत, ड्राइवर को बंधक बनाने का आरोप
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महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल और दादा सुरेंद्र अग्रवाल के खिलाफ तीसरी एफआईआर दर्ज कराई गई है. इसके साथ ही शनिवार की सुबह गिरफ्तार किए गए आरोपी के दादा को कोर्ट ने 28 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
Pune Porsche Car Accident Case: महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कार हादसे मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल और दादा सुरेंद्र अग्रवाल के खिलाफ तीसरी एफआईआर दर्ज कराई गई है. इसके साथ ही शनिवार की सुबह गिरफ्तार किए गए सुरेंद्र अग्रवाल को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया. पुलिस ने कोर्ट में बताया कि इस हादसे कि जिम्मेदारी लेने के लिए आरोपी के दादा ने अपने ड्राइवर गंगाराम पर दबाव बनाया था. इतना ही नहीं उसका अपहरण करके अपने बंगले में कैद कर रखा था. घर से कुछ सीसीटीवी फुटेज बरामद हुए हैं, जिससे उनके अपराध की पुष्टि होती है.
पुणे पुलिस ने नाबालिग आरोपी के दादा सुरेंद्र अग्रवाल के लिए सात दिन की पुलिस हिरासत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी दी है. 28 मई तक उनको पुलिस हिरासत में रखा जाएगा. इससे पहले सुरेंद्र ने कोर्ट को बताया कि वो हादसे वाले दिन दिल्ली में थे. उनका इस घटना से कोई लेना देना नहीं है. पुलिस घर आकर डीवीआर ले गई है. पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि ड्राइवर पर हादसे की जिम्मेदारी लेने का दबाव बनाया गया. उसने अपने पहले बयान में कहा था कि वो कार चला रहा था. लेकिन सबूतों के हिसाब से कार नाबालिग चला रहा था.
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नाबालिग के पिता और दादा ने अपने ड्राइवर को कैश और गिफ्ट देने का लालच देकर हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए दबाव बनाया था. इसकी वजह से ड्राइवर गंगाराम ने यरवदा पुलिस स्टेशन में कहा था कि 19 मई को दुर्घटना के समय वह गाड़ी चला रहा था. इस बयान के बाद आरोपी उसे अपनी कार से लेकर अपने बंगले में गए, वहां उसका मोबाइल फोन छीनकर उसे बंधक बना लिया. लेकिन ड्राइवर की पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के बंगले पर छापा मारकर उसे बरामद कर लिया. ड्राइवर और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा दी जा रही है.
अगले सप्ताह आएगी ब्लड और डीएनए सैंपल की रिपोर्ट
इस मामले में पुलिस ने ड्राइवर की शिकायत पर आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल और दादा सुरेंद्र अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 365 (किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद करने के इरादे से अपहरण करना) और 368 (गलत तरीके से छिपाना या कैद में रखना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. ड्राइवर ने अपना बयान बदल दिया है. उसने कहा है कि हादसे के समय वो कार नहीं चला रहा था. आरोपी के परिजन उस पर हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए दबाव डाल रहे थे. उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में ब्लड और डीएनए सैंपल की रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की उम्मीद है.
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