
पुणे केस में सिर्फ जुवेनाइल बोर्ड, पुलिस ही नहीं MLA पर भी उठ रहे सवाल, 3 बजे रात को थाने में मौजूदगी पर घिरे, दी ये सफाई
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विधायक सुनील तिंगरे ने कहा कि मैंने हमेशा पब और बार के खिलाफ स्टैंड लिया है. राजनीतिक में आने से पहले मैं विशाल अग्रवाल के साथ काम करता था. यही उनके और मेरे बीच का रिश्ता है.
पुणे पोर्श कार ऐक्सीडेंट (Pune Porsche Car Accident) मामले में नया अपडेट सामने आया है. अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के विधायक सुनील तिंगरे 19 मई की रात को येरवडा पुलिस स्टेशन में मौजूद थे. विपक्ष के मुताबिक टिंगरे पुलिस पर दबाव बना रहे थे. सुनील तिंगरे ने इन आरोपों पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि सुबह 3:21 बजे मेरे पीए की तरफ से फोन आया कि एक बड़ा हादसा हो गया है. इसके बाद कई कार्यकर्ताओं और विशाल अग्रवाल की भी कॉल मेरे पास आई.
विशाल अग्रवाल ने बताया कि मेरे बेटे को कुछ लोगों ने पीटा है. इसके बाद मैं पुलिस स्टेशन पहुंचा. फिर पुलिस ने मुझे सूचना दी. इसके बाद मैंने पुलिस से कानून के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा. मैंने मृतक के परिजनों से भी बात की.
सुनील तिंगरे ने कहा कि मैंने हमेशा पब और बार के खिलाफ स्टैंड लिया है. राजनीतिक में आने से पहले मैं विशाल अग्रवाल के साथ काम करता था. यही उनके और मेरे बीच का रिश्ता है. मैंने मृतक के परिजनों की मदद की. मैं थाने के सीसीटीवी फुटेज खोलने की मांग करता हूं.
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मामले में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
पुणे की एक अदालत ने मंगलवार को मामले में तीन आरोपियों- बार मालिक और रेस्टोरेंट्स के दो मैनेजर को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. यहां नाबालिग आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी थी, उसके बाद वो कार लेकर बाहर निकला था. आरोपी कोसी रेस्टोरेंट के मालिक के बेटे नमन प्रहलाद भूतड़ा, उसके मैनेजर सचिन काटकर और ब्लैक क्लब होटल के मैनेजर संदीप सांगले को अदालत में पेश किया गया था.

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