
पीएम मोदी का बर्थडे और चीता प्रोजेक्ट का एक साल, जानिए कूनो नेशनल पार्क में अब तक क्या-क्या हुआ
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कूनो नेशनल पार्क में अभी तक 20 चीते लाए जा चुके हैं. इनमें से 14 जीवित हैं. 6 की अलग-अलग कारणों से मृत्यु हो चुकी है. 7 मादा और 7 सात नर चीते कूनो में मौजूद हैं. मादा चीता साशा ने चार शावकों को जन्म दिया था. इनमें से भी तीन की मृत्यु हो चुकी है एक शावक जीवित है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 73वां जन्मदिन है. बीते साल जन्मदिन के मौके पर उन्होंने देश को खास सौगात दी थी. देश की धरती पर 70 साल बाद चीतों ने कदम रखा था. चीता प्रोजेक्ट के तहत नामीबिया से 8 चीतों को विशेष विमान से विशेषज्ञों की निगरानी में एमपी के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था. खास कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिनमें पीएम मोदी ने खुद शिरकत की थी. उन्होंने चीतों को बाड़े में रिलीज किया था. इस तरह से साल 1952 में देश में विलुप्त घोषित किए गए चीतों ने दोबारा रफ्तार भरी थी.
चीता प्रोजेक्ट का एक साल पूरा हो गया है. इस एक साल में यह प्रोजेक्ट काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. कई चीतों की मौत हो गई. इससे कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हुए. कूनों में अब तक दो खेपों में 20 चीते लाए जा चुके हैं. इनमें से 14 चीते जीवित हैं. चार शावकों का जन्म भी कूनो में हुआ था, लेकिन उनमें से तीन की मौत हो गई और अब एक मादा शावक जीवित है. कुल मिलाकर 15 चीते मौजूदा समय में कूनो में हैं.
17 सितंबर 2022 से 17 सितंबर 2023 तक प्रोजेक्ट चीता की स्थिति
नामीबिया से शुरुआत में 8 चीते लाए गए, सभी को 70 दिन से ज्यादा क्वारंटीन रखा गया.
7 अक्टूबर 2022
5 से 28 अक्टूबर

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