
पालघर में गिरफ्तार हुआ मर्डर का आरोपी, 15 साल पहले पीट-पीटकर ले ली थी युवक की जान
AajTak
15 साल से फरार चल रहे 66 साल के हत्या के आरोपी शख्स को महाराष्ट्र के पालघर जिले से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने पिछले सप्ताह वाडा से आरोपी संतोष देहू कुर्हाड़े को गिरफ्तार किया.
बीते 15 साल से फरार चल रहे 66 साल के हत्या के आरोपी शख्स को महाराष्ट्र के पालघर जिले से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को ये जानकारी दी है. पुलिस अधीक्षक (ठाणे ग्रामीण) डॉ. डी.एस. स्वामी ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पिछले सप्ताह वाडा से आरोपी संतोष देहू कुर्हाड़े को गिरफ्तार किया.
पीट- पीट कर हत्या का मामला
आरोपी संतोष देहू 15 साल पहले सुरेश रावजी वाघ की पीट-पीटकर की गई हत्या में शामिल था. उन्होंने बताया कि कुर्हाड़े, सुरेश रावजी वाघ की हत्या के सिलसिले में फरार था, जिसकी 5 जून 2009 को पीट-पीटकर जान ले ली गई थी. एसपी ने बताया कि कुर्हाड़े और दो अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर विवाद को लेकर पीड़ित पर हमला किया था.
दो अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियारों/साधनों से जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि कुर्हाड़े अपराध के दिन से ही फरार था, जबकि मामले के अन्य दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?

जब UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र सड़कों पर विरोध कर रहे थे और ये कह रहे थे कि उन्हें ज़बरदस्ती अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, तब सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे छात्रों को राहत मिली है. यह कदम छात्रों के अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय और हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है.







