
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के भारत आने पर क्या बोले अमित शाह?
AajTak
गृहमंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान के विदेशमंत्री बिलावल भुट्टो के भारत आने के मामले पर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहले भी पाकिस्तान से नेता शामिल आते रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारत की सीमा के अंदर किसी भी हमले का हम मुंहतोड़ जवाब देंगे.
गृहमंत्री अमित शाह ने आजतक के कर्नाटक राउंडटेबल कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि SCO समिट के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री का भारत आना क्या नई शुरुआत है? इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहले भी पाकिस्तान से नेता शामिल आते रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में SCO के डिजास्टर मैनेजमेंट मंत्रियों की मीटिंग थी, जिसकी मैंने ही अध्यक्षता की थी. इसमें भी पाकिस्तान के मंत्री ऑनलाइन जुड़े थे. UN की मीटिंग हो या फिर G20 की मीटिंग हो तो इसमें सभी लोगों का मिलना सामान्य बात है. लेकिन भारत की सीमा के अंदर किसी भी हमले का हम मुंहतोड़ जवाब देंगे.
लंदन स्थित भारत के दूतावास पर हाल ही में हमला हुआ था. इसे लेकर गृहमंत्री ने कहा कि विश्वभर में हमारा दूतावास कहीं पर भी हो, वह भारत की भूमि माना जाता है. हमने NIA को इतना सक्षम बनाया है कि भारत के खिलाफ विदेश में भी कोई षड्यंत्र होता है तो इसकी जांच कर सकती है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने केस रजिस्टर किया था. प्रारंभिक जांच की गई. दूतावास से रिपोर्ट भी आ गई. इसके आधार पर हमने एनआईए को जांच सौंप दी है. भारत के दूतावास पर हमला मोदी सरकार हल्के में नहीं लेगी. देश के कानून के हिसाब से कठोर कार्रवाई की जाएगी.
भुट्टो कब आ रहे हैं भारत?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो अगले महीने भारत आने वाले हैं. वह गोवा में 4-5 मई को होने वाली विदेश मंत्रियों की एससीओ समिट में हिस्सा लेंगे. 2014 में तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ के भारत आने के बाद यह किसी पाकिस्तानी नेता की यह पहली भारत यात्रा होगी.
पीएफआई के मुद्दे क्या बोले अमित शाह?
अमित शाह ने पीएफआई के मुद्दे पर बीजेपी को वोट मिलने से संबंधित सवाल पर कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि विकास को मुद्दा बनाया जाए. उन्होंने पिछले चुनाव और इस चुनाव को लेकर सवाल पर कहा कि बीजेपी इस बार बहुत अच्छी स्थिति में है और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









