
पाकिस्तान, इंग्लैंड और कनाडा... तो आपसी मतभेद ही बन रहा विदेशों में खालिस्तानी नेताओं की मौत का कारण
AajTak
हरदीप सिंह निज्जर हत्या विवाद को लेकर भारत और कनाडा में तनातनी चल री है. निज्जर की हत्या से से बहुत पहले इसकी शुरूआत जुलाई 2022 में हो गई थी, जब 1985 एयर इंडिया बम विस्फोट के आरोपी रिपुदमन सिंह मलिक की कनाडा के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इसी साल जून में हुई कनाडा के नागरिक हरदीप सिंह निज्जर (भारत में मोस्ट वांटेड) की हत्या को लेकर जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में बयान दिया तो हर कोई हैरान रह गया. ट्रूडो ने कहा कि निज्जर की हत्या के पीछे भारतीय एजेंट्स का हाथ है. ट्रूडो के इस बयान के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्व हो गए हैं अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. हालांकि, नई दिल्ली ने कनाडा को आतंकवादी गतिविधियों के लिए 'सुरक्षित ठिकाना' करार देते हुए बिना सबूत के आरोप लगाने को दोषी ठहराया.
तो आपसी कलह में मारे जा रहे हैं खालिस्तानी नेता?
राजनयिक विवाद के बीच, भारतीय खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि विदेशों में खालिस्तानी नेताओं के बीच मतभेद और विवाद एक ऐसा संभावित कारण हो सकता है जिसकी वजह से पिछले एक साल में दुनिया भर में खालिस्तान समर्थक नेताओं की हत्याएं हो रही हैं. इस एक साल के दौरान दौरान छह कट्टर खालिस्तानी नेताओं की मौत हो चुकी है या उन्हें मार दिया गया है.
यह सब पिछले साल जुलाई में शुरू हुआ जब 1985 के एयर इंडिया फ्लाइट बम विस्फोट के आरोपी रिपुदमन सिंह मलिक, जिसे 2005 में बरी कर दिया गया था, की कनाडा के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई. मामले की जांच करने के दौरान कनाडा की खुफिया एजेंसी ने पाया कि मलिक का नाम सिखों की धार्मिक पुस्तक से जुड़े एक बेअदबी के मामले में भी आया था. इससे खालिस्तान नेताओं के बीच मतभेद पैदा हो गए थे.
ये भी पढ़ें: कनाडा में मर्डर, पंजाब में छापे... गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के 1000 गुर्गों के पीछे पड़े 5000 पुलिसवाले
कनाडा, पाकिस्तान और लंदन में हुई मौतें

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








