
पाकिस्तानी क्यों फोड़ रहे हैं पटाखे? सीजफायर का जश्न या ये है वजह
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KSE100 Updates: पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट में अचानक अपर सर्किट की वजह से एक घंटे के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ गई थी. KSE100 इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 9% या 9,928 अंक उछलकर 117,104.11 अंक पर पहुंच गया.
भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच तनाव का असर दोनों देशों के शेयर बाजारों पर देखने मिल रहे थे. लेकिन जैसे ही संघर्षविराम लागू हुआ, शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. भारत के मुकाबले पाकिस्तान के शेयर बाजार में ज्यादा जोश दिख रहा है. सोमवार को कराची स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स KSE100 में करीब 9% चढ़कर कारोबार कर रहा है.
यही नहीं, अचानक इंडेक्स में अपर सर्किट की वजह से एक घंटे के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ गई थी. KSE100 इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 9% या 9,928 अंक उछलकर 117,104.11 अंक पर पहुंच गया.
पाकिस्तान शेयर बाजार में जोरदार उछाल
दरअसल, पाकिस्तानी शेयर बाजार में तेजी के दो बड़े कारण हैं, पहला- भारत के मुकाबले पाकिस्तान के लिए संघर्षविराम समझौते ज्यादा जरूरी है, क्योंकि अगर भारत से युद्ध हो जाता तो फिर आर्थिक तौर पर पाकिस्तान और तबाह हो जाता है, जबकि भारत को पाकिस्तान के मुकाबले कम आर्थिक नुकसान होता. क्योंकि पाकिस्तान की इकोनॉमी दूसरों की मदद से चल रही है, ऐसे में युद्ध जैसे हालात कुछ दिन और रह जाने पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मिलने वाली मदद में दिक्कतें आ सकती थीं.
इसके अलावा पाकिस्तानी शेयर बाजार में तेजी का दूसरा बड़ा कारण IMF से मिलने वाले फंड पर मुहर लग गई है. बता दें, IMF की ओर से पाकिस्तान को 2.3 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिए जाने पर 9 मई को IMF ने मुहर लगाई है. भारत ने IMF बेलआउट पर मतदान से खुद को अलग रखा था, यानी भारत ने इसका विरोध किया था.
युद्ध से तबाह हो जाता पाकिस्तान

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












