
पांच महीने, दो मर्डर और खौफनाक साजिश... गुजरात के इस शहर में ‘इंजेक्शन किलर’ का खौफ, मेल नर्स गिरफ्तार
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गुजरात के बेरावल में मेल नर्स श्याम चौहान पुलिस के हत्थे चढ़ गया. इसके बाद सनसनीखेज डबल मर्डर का खुलासा हो गया. थायराइड की मरीज भावना बेन और अपने दोस्त अभिषेक को श्याम ने पहले बेहोश किया और फिर उनकी जान ले ली. कैसे सामने आई पूरी साजिश, पढ़ें पूरी कहानी.
Berawal Double Murder Story: गुजरात से एक अजीब खबर आई. खबर थी एक महिला और एक पुरुष के कत्ल की यानी डबल मर्डर की. जब पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि दोनों कत्ल एक मेल नर्स ने किए थे, जो लोगों के घरों में जाकर उन्हें इंजेक्शन दिया करता था. अब सवाल ये था कि उसने ये दो कत्ल आखिर क्यों किए? इस वजह जानना बेहद ज़रुरी है. तो चलिए आपको बताते हैं डबल मर्डर की दिल दहला देने वाली पूरी कहानी.
एक के बाद एक क़त्ल के दो मामलों से गुजरात का छोटा सा शहर बेरावल सन्नाटे में आ गया. ये कहानी है एक ऐसे 'वूड-बी' सीरियल किलर की, जो पिछले पांच महीनों में एक-एक कर दो लोगों को मौत की नींद सुला चुका था और अगर वो पकड़ा नहीं जाता तो नामालूम कितने ही और लोगों को ऐसी ही ज़हरीली साजिश का शिकार बना कर मौत के मुंह में पहुंचा चुका होता.
कत्ल के लिए बंदूक या खंजर का इस्तेमाल नहीं वजह ये कि वो क़त्ल तो करता, लेकिन इसके लिए वो किसी बंदूक या खंजर को नहीं, बल्कि उन दवाओं को हथियार बनाता, जिनका इस्तेमाल आम तौर पर मरीज की जिंदगी बचाने के लिए किया जाता है. कहने की जरूरत नहीं कि दुबले-पतले और मामूली से दिखने वाले इस इंजेक्शन किलर की गिरफ्तारी से सिर्फ आम लोग नहीं बल्कि गुजरात पुलिस ने भी राहत की सांस ली है.
11 नवंबर 2025, बेरावल की हुडको सोसायटी इसी तारीख पर इस खूनी कहानी की शुरुआत उस वक्त हुई, जब शहर के हुडको सोसायटी में रहने वाली एक महिला भावना बेन की रहस्यमयी हालत में मौत हो जाती है. जब भावना की मौत हुई तो घर में अकेली थी. परिवार के बाकी लोग बाहर गए हुए थे. लेकिन जब वो घर पहुंचे तो उन्होंने घर का दरवाजा बाहर से बंद देखा. उधर, भावना से फोन पर बात करने की उनकी सारी कोशिशें नाकाम हो रही थीं. ऐसे में घरवालों ने किसी तरह दरवाजे का ताला खोला और जैसे ही घर के अंदर कदम रखा, सामने का मंजर देख कर ठिठक गए. बिस्तर पर भावना बेन की लाश पड़ी थी. आनन-फानन में पुलिस को खबर दी गई और मामले की तफ्तीश शुरू हुई.
एक तरफ पुलिस ने भावना की लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, दूसरी तरफ बहुत बारीकी से मौका-ए-वारदात का मुआयना शुरू किया. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने से पहले ही मौका-ए-वारदात पर नजर आई दो चीजों ने पुलिस का शक इस मौत को लेकर गहरा कर दिया.
क़त्ल का सुराग़ नंबर- 1 - बाहर से बंद ताला असल में भावना बेन की लाश घर के अंदर बिस्तर पर पड़ी थी और बाहर से ताला लगा हुआ था, जो इस बात का सबूत था कि उनकी मौत के पीछे किसी ना किसी साजिश जरूर है. क्योंकि अगर उनकी मौत कुदरती होती, तो फिर बाहर से किसी के ताला लगा कर जाने का सवाल ही नहीं था. खास बात ये रही कि पुलिस ने भी जब भावना के घर वालों से पूछताछ की, तो किसी ने भी घर में बाहर से ताला लगाने की बात से मना कर दिया. लेकिन ये तो सिर्फ पहला सुराग था.

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