
पहले बुरे वक्त में छोड़ा साथ, अब America ने Afghanistan के घाव पर छिड़का नमक
Zee News
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकिन (Antony Blinken) ने कहा, हम 20 वर्ष पहले अफगानिस्तान सिर्फ 9/11 हमले के दोषियों से निपटने गए थे, अफगानिस्तान के आगे के भविष्य की जिम्मेदारी अफगान नागरिकों, अफगान सरकार और तालिबान की है.
नई दिल्ली: अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) ने अमेरिकी सेना (US Army) के जाने के बाद ऐसा चौतरफा कोहराम मचाया कि आज अफगानिस्तान के दो-तिहाई इलाके और आधे से कई ज्यादा प्रान्तों पर कब्जा हो चुका है. तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे की रफ्तार का अंदाजा इसीसे लगाया जा सकता है कि काबुल भी सुरक्षित नहीं रहा. तालिबान को अभी तक कुछ खास विरोध का सामना भी नहीं करना पड़ा. काबुल (Kabul) के दरवाजे पर तालिबान की दस्तक के साथ ही अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) ने देश छोड़ दिया तो उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) में चल रहे तालिबानी कोहराम में 20 वर्षों तक अफगानिस्तान में रहने वाला अमेरिका तक घुटने टेक कर भाग निकला. अमेरिका काबुल स्थित अपने उच्चायोग से न सिर्फ कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाल रहा है बल्कि गुप्त कागजों को भी तालिबान के कब्जे में आने से पहले जला रहा है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



