
पन्नू की हत्या की साजिश का मामला: कमेटी ने पेश की सीक्रेट रिपोर्ट, आरोपी पर एक्शन की सिफारिश
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भारत सरकार द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय जांच समिति ने कुछ संगठित आपराधिक समूहों और आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों की जांच के बाद एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है. उस शख्स पर भारत और अमेरिका दोनों के सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
भारत सरकार द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय जांच समिति ने कुछ संगठित आपराधिक समूहों और आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों की जांच के बाद एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है. उस शख्स पर भारत और अमेरिका दोनों के सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. अमेरिका द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद इस जांच का आदेश दिया गया था. इसमें साल 2023 में न्यूयॉर्क में भारतीय एजेंटों द्वारा खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने की बात कही गई थी.
इस साजिश के सिलसिले में अमेरिका ने विकास यादव नामक एक शख्स के नाम का जिक्र किया गया था, जिसे भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ का पूर्व जासूस बताया गया था. उसके पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है. बुधवार को एक बयान में गृह मंत्रालय ने कहा कि लंबी जांच के बाद समिति ने एक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है.
इसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी जांच के दौरान सामने आई है. हालांकि, गृह मंत्रालय के बयान में किसी ऐसे व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया जिसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है. गृह मंत्रालय ने कहा कि कुछ संगठित आपराधिक समूहों, आतंकवादी संगठनों और ड्रग तस्करों आदि की गतिविधियों के बारे में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी प्राप्त हुई थी.
इसने भारत और अमेरिका दोनों के सुरक्षा हितो को कमजोर किया था. भारत सरकार द्वारा नवंबर 2023 में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था. एक बयान में कहा गया है, "लंबी जांच के बाद समिति ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. एक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है. इसकी पिछली आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है."
इसके साथ ही समिति ने ये भी सिफारिश की है कि आरोपी शख्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जानी चाहिए. इसमें कहा गया है, "समिति ने प्रणालियों और प्रक्रियाओं में कार्यात्मक सुधार की सिफारिश की है. ऐसे कदम उठाने की भी बात कही गई है, जो भारत की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत कर सके. इस तरह के मामलों से निपटने में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें."
इस समिति के गठन की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह मामले के सभी प्रासंगिक पहलुओं (अमेरिका द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं) पर गौर करेगा. अमेरिका ने कहा था कि उसने एक सिख अलगाववादी की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है. भारत को नई दिल्ली की कथित संलिप्तता के चिंताओं के बारे में कड़ी चेतावनी दी गई है.

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