
पत्रकार तवलीन सिंह के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ बयान को लेकर विवाद
The Wire
एक टीवी डिबेट के दौरान पत्रकार तवलीन सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करते हुए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को महत्वपूर्ण फाइलें दिखाने का दावा किया था. इस पर प्रमाण को लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ चली लंबी बहस के बाद उन्होंने कहा कि वे ग़लत थीं.
नई दिल्ली: पत्रकार और वरिष्ठ स्तंभकार तवलीन सिंह के खिलाफ बुधवार की रात एक टीवी शो की बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करते हुए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को महत्वपूर्ण फाइलें दिखाने का आरोप लगाया था. हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि उनके लिए सबूत पेश करने का समय अब शुरू होता है। People who worked in the PMO have named officials who carried government files to 10 Janpath. Former ministers admit taking orders from Sonia Gandhi. She was de facto PM then and will remain de facto Congress President now. https://t.co/lxyG3attgo OK. If Sanjay Baru says that his book doesn’t mention a violation of the Official Secrets Act I am happy to admit that I was wrong about that. https://t.co/j8UMYEVnOj
द हिंदू के अनुसार, अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सिंह को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी. हम उन्हें चुनौती देते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ अपने बेतुके और गैर-जिम्मेदाराना आरोप को साबित करें। — Tavleen Singh (@tavleen_singh) October 20, 2022 — Tavleen Singh (@tavleen_singh) October 21, 2022
उल्लेखनीय है कि इंडिया टुडे चैनल पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई द्वारा कांग्रेस के अध्यक्ष चुनाव के नतीजे आने के बाद ‘इज़ मल्लिकार्जुन खड़गे अ स्टॉप-गैप चीफ’ (क्या खड़गे एक अस्थायी अध्यक्ष हैं) विषय पर एक चर्चा में सिंह ने कहा था, ‘यह मत भूलिए कि हम एक ऐसी महिला की बात कर रहे हैं जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम तोड़ने को मजबूर किया था… उनकी सरकार में कोई भूमिका नहीं थी कि उन्हें गोपनीय फाइलें भेजी जाएं.’ — P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) October 20, 2022
उसी समय पैनल में शामिल कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने सिंह की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और उनके बयान का समर्थन करने के लिए सबूत मांगे गए थे. उन्होंने कहा, ‘मैं आपत्ति जताता हूं. आपके शो पर अभी-अभी किसी ने पूर्व पीएम पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. या तो वे इसके लिए सबूत दें या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें. अब ऐसा और नहीं चल सकता!’

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?

फरवरी महीने में सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में ज़मानत देने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस पंकज भाटिया की आलोचना की थी. अब एक पड़ताल में सामने आया है कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच जस्टिस भाटिया की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने दहेज संबंधित हत्या के 510 मामले सुने थे, जिनमें से 508 केस में उन्होंने आरोपी की ज़मानत मंज़ूर की.

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बीते शुक्रवार मध्य प्रदेश के शिवपुरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री कर गैस सिलेंडर की कथित किल्लत पर कटाक्ष करने वाले सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित शिक्षक ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि उनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना था, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं.


