
पठानकोट में पकड़े गए गौ तस्कर, पशु की हत्या कर जम्मू-कश्मीर में बेचते थे उसका मांस
AajTak
पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने गौ तस्करों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस गैंग के तीन लोगों को भी हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये लोग तस्करी कर लाए गए पशुओं को मारकर उसके मांस को जम्मू-कश्मीर में बेचा करते थे.
पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने गाय के मांस की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पठानकोट के खनी खुई गांव में पशु तस्करी और उसका मांस बेचने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों का नेटवर्क ना सिर्फ पंजाब में बल्कि पंजाब के बाहर के राज्यों में भी फैला हुआ है. अलग-अलग जगह से पशु तस्करी कर पठानकोट लाकर पशुओं को मारकर उसके मांस को जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में बेचा जाता था.
पुलिस ने जब छापेमारी की तो इनके पास से 21 गाय जो बुरी तरह बांधकर रखी गई थी वो जख्मी हालत में बरामद हुई थी. यही नहीं दो बछड़े भी पुलिस ने बरामद किए हैं.
पुलिस ने इन पशुओं तस्करों से मुक्त करा लिया और उनके हथियार को भी जब्त कर लिया है. पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ भी कर रही है कि आखिर इनका नेटवर्क और कितने जिलों और राज्यों में फैला हुआ है.
इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए पठानकोट के एसएसपी ने कहा कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में अवैध तरीके से गाय का कत्ल कर उसके मांस को बेचा जाता है. इसी वजह से पुलिस ने छापेमारी की तो 21 गायों को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया गया और उन्हें इलाज के लिए पशु अस्पताल भेजा गया है.
जो मृतक बछड़े बरामद किए गए हैं उनका पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. इसके इलावा धारदार हथियार भी बरामद किया गया है. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की करवाई की जा रही है.

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईरान के परमाणु शक्ति के बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होनें कहा कि ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा था. साथ ही खामेनेई ने ये भी कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बनना चाहता था. साथ ही खामेनेई ने कहा कि जबतक मिडिल ईस्ट में विदेशी शक्तियां रहेंगी तबतक क्षेत्र में स्थिरता नहीं रहेगी.











