
पंजाब में सिख बंदियों की रिहाई का क्या है मामला? जिसे लेकर जमकर चलीं तलवारें
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पंजाब में चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर बुधवार को जमकर तलवारें, लाठियां और पत्थर चले. ये हिंसक झड़प पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई. दरअसल, एक महीने से प्रदर्शनकारी सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर धरने पर हैं. ऐसे में जानते हैं कि सिख बंदियों का पूरा मामला क्या है? बुधवार को क्या हुआ? राम रहीम का नाम भी क्यों आ रहा है सामने?
पंजाब में सिख बंदियों की रिहाई को लेकर बुधवार को जमकर बवाल हुआ. प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प भी हुई. इसमें 30 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर जाने की जिद पर अड़े थे. पुलिस ने चंडीगढ़-मोहाली बार्डर पर बैरिकेडिंग कर दी थी, ताकि प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के घर तक न पहुंच सकें. इसके बाद प्रदर्शनकारी हिंसा पर उतर आए, जिसके जवाब में पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया.
चंडीगढ़ के डीजीपी प्रवीण रंजन ने बताया कि जो भी लोग इस हिंसा में शामिल थे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. उन्होंने ये भी बताया कि चंडीगढ़ में धारा 144 लागू कर दी गई है और अब किसी भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं है.
सिख बंदियों की रिहाई का मामला क्या है? बुधवार को चंडीगढ़ में क्या और कैसे हुआ? सिख बंदियों की रिहाई में राम रहीम का क्या कनेक्शन? समझते हैं...
क्या हुआ बुधवार को?
- 'कौमी इंसाफ मोर्चा' के बैनर तले ये प्रदर्शन हो रहा था. प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने की जिद पर अड़े थे. उनकी सबसे बड़ी मांग सिख बंदियों की रिहाई को लेकर है.

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