
न्यूजीलैंड: पत्नी के प्रेमी को हथौड़े से मार डालने वाले भारतीय मूल के शख्स ने सजा के खिलाफ की अपील
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नीरज नीलेश प्रसाद ने स्वीकार किया था कि उसने अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या की है. नीरज ने बताया था कि जिस भारत की जिस संस्कृति में वह पला-बढ़ा है, उसके कारण अपनी पत्नी के कृत्य पर उसे शर्म और निराशा महसूस हो रही थी.
न्यूजीलैंड में एक 39 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति ने पिछले साल अपनी पत्नी के प्रेमी की हथौड़ा मारकर हत्या कर दी थी. इस साल मार्च में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. अब उस शख्स ने अपनी सजा को चुनौती दी है.
ओटागो डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नीरज नीलेश प्रसाद ने स्वीकार किया था कि उसने अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या की है. नीरज ने बताया था कि जिस भारत की जिस संस्कृति में वह पला-बढ़ा है, उसके कारण अपनी पत्नी के कृत्य पर उसे शर्म और निराशा महसूस हो रही थी.
बता दें कि पिछले साल 21 फरवरी को नीरज ने फिजी में जन्मे फैज अली की उसके क्राइस्टचर्च में स्थित फ्लैट पर घुसकर हत्या कर दी थी. इसके बाद नीरज को मार्च में क्राइस्टचर्च के हाई कोर्ट नेहत्या का दोषी पाया था.
जस्टिस रॉब ओसबोर्न ने नीरज को साढ़े 18 साल की बिना-पैरोल वाली सजा के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अब नीरज अपनी सजा की अवधि को दोबारा कोर्ट में चुनौती दे रहा है.
सुनवाई को दौरन नीरज के वकील जेम्स रैपली केसी ने तर्क दिया कि अपराध की वजह सांस्कृतिक नींव भी हो सकती है, जिसके कारण नीरज को इस तरह का हिंसक रुख अख्तियार करना पड़ा.
वकील ने बताया कि जब कोर्ट ने नीरज को सजा सुनाई थी, तब इस बात को मेंशन नहीं किया गया था कि बचपन से वे किस परिवेश में रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह थोड़ा विवादास्पद मुद्दा हो सकता है, लेकिन सावधानी और संवेदनशील विचार के साथ परिवेश की बात भी केस में उठाई जानी चाहिए.

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