
नूरखान, मुरीद चकवाल और रफीकी... जानिए पाकिस्तान के लिए कितने अहम हैं ये एयरबेस, जिन्हें भारत ने बनाया निशाना
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भारत और पाकिस्तान के बीच चरम पर पहुंच गया है. शुक्रवार 9 मई को देर शाम पाकिस्तान ने एक बार फिर उकसावे वाली हरकत करते हुए भारत के कई शहरों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों ने इसे नाकाम कर दिया.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पाकिस्तान ने एक बार फिर उकसावे की कार्रवाई करते हुए भारत के कई शहरों के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों ने इस प्रयास को विफल कर दिया. जवाब में भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया और उसकी मिसाइल कार्रवाई में पाकिस्तान के तीन प्रमुख एयरबेसों को निशाना बनाया.
भारत के मिसाइल हमले में मुरीद चकवाल, सोरकोट, और नूर खान एयरबेस प्रमुख रूप से निशाना बने हैं और इन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने इन एयरबेसों पर अपने फाइटर जेट्स से एयर-टू-सर्फेस मिसाइलें दागीं. ये तीन प्रमुख एयरबेस हैं-
मुरीद चकवाल एयरबेस, पंजाब- मुरीद चकवाल एयरबेस पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल ज़िले में स्थित एक प्रमुख सैन्य हवाई अड्डा है. यह इस्लामाबाद से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है. यह एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना के लिए एक रणनीतिक केंद्र है, जिसका उपयोग हवाई रक्षा, प्रशिक्षण और युद्धक अभियानों में किया जाता है.
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यहां कई आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं. इसकी रणनीतिक स्थिति इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है. बेस में रनवे, हैंगर, कंट्रोल टावर और अन्य आधुनिक सैन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके अलावा, यह एयरबेस पाकिस्तान के मानव रहित हवाई अभियानों (UAV/UCAV) का एक मुख्य केंद्र है, जहां शाहपार-1 और बैराकटर TB2 जैसे उन्नत ड्रोन तैनात हैं. मुरीद एयरबेस से भारत पर कई ड्रोन हमलों को अंजाम दिया गया था, भारत की इस पर की गई कार्रवाई को पाकिस्तानी आक्रामकता का प्रत्यक्ष जवाब माना जा रहा है.
नूर खान एयरबेस, रावलपिंडी- पहले चकला एयरबेस के नाम से जाना जाने वाला नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान वायुसेना का एक प्रमुख और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ठिकाना है. यह एयरबेस रावलपिंडी के चकला क्षेत्र में स्थित है और इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास है.

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अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

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